भोपाल। भोपाल में इस बार मानसून अब तक सुस्त है… तेज़ बारिश भी नहीं हुई… लेकिन राजधानी की सड़कें देखकर ऐसा लगता है जैसे कई दौर की मूसलाधार बारिश हो चुकी हो। शहर की कई प्रमुख सड़कें उखड़ चुकी हैं… कहीं मुरम और गिट्टी सड़क पर बिखरी है… तो कहीं बड़े-बड़े गड्ढे हादसों को न्योता दे रहे हैं।
सवाल ये है… जब बारिश ही कम हुई… तो सड़कें इतनी जल्दी कैसे जवाब दे गईं?
देखिए ये ग्राउंड रिपोर्ट…
ये तस्वीरें भोपाल की हैं… जहां सड़कें अब सफर आसान नहीं… बल्कि खतरे का रास्ता बन चुकी हैं। चौराहों से लेकर कॉलोनियों तक… सड़क की ऊपरी परत उखड़ चुकी है। कहीं डामर गायब है… तो कहीं गिट्टी बाहर आ गई है। वाहन चालक हर रोज़ गड्ढों से बचते-बचाते निकल रहे हैं… और कई जगह लोग फिसलकर घायल भी हो रहे हैं।
हैरानी की बात ये है कि इस बार मानसून की रफ्तार अभी तक धीमी रही है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में बारिश सामान्य से कम रही है और अगले कुछ दिनों तक किसी बड़े सिस्टम की संभावना भी कम है। इसके बावजूद राजधानी की कई सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। हाल ही में संभागायुक्त ने भी सड़क निर्माण एजेंसियों को चेतावनी दी है कि खराब सड़कें मिलने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी और गड्ढों की तत्काल मरम्मत के निर्देश दिए हैं।
भोपाल की कई मुख्य सड़कें और कॉलोनियों की गलियां गड्ढों से भर चुकी हैं।लोगों का कहना है कि हर साल बारिश से पहले सड़क मरम्मत के दावे किए जाते हैं… लेकिन पहली ही बारिश में सड़कें जवाब दे देती हैं। हाल की रिपोर्टों में भी बताया गया है कि हल्के मानसून के बावजूद शहरभर में गड्ढों के कारण जाम, वाहन क्षति और सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
बारिश कम हुई… लेकिन सवाल बड़े हैं… क्या सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर समझौता हुआ?
क्या समय पर मेंटेनेंस नहीं हुआ? या फिर हर साल की तरह इस बार भी मरम्मत सिर्फ कागज़ों तक सीमित रही? फिलहाल भोपाल की जनता जवाब चाहती है… क्योंकि सड़कें सिर्फ सफर का रास्ता नहीं… बल्कि रोज़ की सुरक्षा से जुड़ा सवाल हैं।
