पन्ना: दक्षिण पन्ना वनमंडल की रैपुरा रेंज अंतर्गत भरतला बीट में एक झिरिया के पास हाल ही में टिटहरी (रेड-बॉटल्ड लैपविंग) के अंडे पाए गए हैं। सामान्यतः टिटहरी 3 अंडेदेती है, जबकि 4 अंडों का समूह अपेक्षाकृत कम देखा जाता है। स्थानीय ग्रामीणों के बीच लंबे समय से एक रोबक मान्यता प्रबलित है कि टिटहरी द्वारा दिए गए अंडों की संख्या आने वाले वर्ष में वर्षा के महीनों का संकेत देती है।
मान्यता के अनुसार यदि 4 अंडे हों तो अच्छी एवं लंबे समय तक वर्षा होने की संभावना मानी जाती है। हालांकि इस विश्वास का अब तक कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है, फिर भी यह लोकज्ञान एवं प्रकृक्ति अपलोकन की समृद्ध परंपरा को दर्शाता है। वन अधिकारियों के अनुसार ऐसे पारंपरिक दावों का व्यवस्थितअभिलेखन एवं दीर्घकालीन अवलोकन भविष्य में रोचक निष्कर्म दे सकता है। शिरिया पुनर्जीवन का कार्य वन रक्षक एवं बीटप्रभारी रजनीश चौरसिया द्वारा कराया गया है। टिटी जैसे संवेदनशील पक्षियों की उपस्थिति यह संकेत देती है कि प्राकृतिक आपास एवं जलस्रोत पुनः जीवंत हो रहे हैं।
