नयी दिल्ली, 04 अगस्त (वार्ता) सरकार ने कहा है कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण)-द्वितीय चरण के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को व्यक्तिगत घरेलू शौचालय के निर्माण के लिए 12,000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने सोमवार को राज्यसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में बताया कि ग्रामीण स्वच्छता में सुधार के लिए केंद्र सरकार राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को वित्तीय एवं तकनीकी सहायता उपलब्ध कराती है। योजना के तहत धनराशि वार्षिक कार्ययोजना, पिछले प्रदर्शन और बजटीय उपलब्धता के आधार पर जारी की जाती है।
उन्होंने कहा कि पात्र परिवारों के चयन में गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) के परिवारों को प्राथमिकता दी जाती है, जबकि इसके बाद अनुसूचित जाति-जनजाति, दिव्यांगजन, भूमिहीन मजदूर, लघु एवं सीमांत किसान तथा महिला मुखिया वाले परिवारों को वरीयता दी जाती है। ग्राम सभा की अनुशंसा के आधार पर लाभार्थियों की पहचान की जाती है और शौचालय निर्माण की प्रगति की निगरानी स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के एकीकृत प्रबंधन सूचना प्रणाली के माध्यम से की जाती है।
