
भोपाल। भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने नगर निगम द्वारा आवासीय परिसरों में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ जारी नोटिसों पर आपत्ति जताते हुए प्रदेश सरकार से दंडात्मक कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने और शहर के प्रमुख मार्गों पर मिक्स लैंड यूज़ नीति लागू करने की मांग की है। इस संबंध में चेंबर अध्यक्ष गोविंद गोयल के नेतृत्व में व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपा।
चेंबर के अनुसार नगर निगम ने 17 जुलाई से व्यापारियों को 10 दिन के भीतर व्यवसाय बंद करने या परिसरों को आवासीय स्वरूप में बदलने के नोटिस जारी किए हैं। इससे हजारों व्यापारियों और उनसे जुड़े लाखों लोगों की आजीविका प्रभावित होने की आशंका है।
चेंबर ने कहा कि वर्ष 2005 के बाद नया मास्टर प्लान लागू नहीं होने से पर्याप्त व्यावसायिक भूखंड उपलब्ध नहीं हो सके। इसी कारण शहर के कई प्रमुख क्षेत्रों में वर्षों से अस्पताल, बैंक, क्लीनिक, शोरूम और अन्य प्रतिष्ठान आवासीय परिसरों से संचालित हो रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि वे व्यावसायिक दरों पर कर और अन्य शुल्क नियमित रूप से जमा कर रहे हैं। ऐसे में स्थायी समाधान और नया मास्टर प्लान लागू होने तक अंतरिम नीति बनाकर कार्रवाई पर रोक लगाई जाए।
