सीहोर। बिलकिसगंज में एक फर्जी बैंक एजेंट द्वारा लोगों के साथ धाखधड़ी करने के मामले में आरोपी को सात साल की सजा सुनाई गई. आरोपी अनिल प्रजापति आ. सरदार सिंह निवासी बिलकिसगंज खुद को ग्रामीण बैंक का प्रतिनिधि बताता था. वह ग्राहकों से नकद राशि लेकर एक साधारण डायरी में जमा का रिकॉर्ड दिखाता था. लेकिन आरोपी ने किसी का भी बैंक खाता नहीं खोला और न ही जमा राशि बैंक में डाली. लगभग एक वर्ष तक आरोपी ने कई गांवों से करीब 28 लाख रुपए इकट्ठे कर लिए. धीरे-धीरे जब लोगों ने बैंक जाकर जानकारी ली. तो बैंक ने इंकार कर दिया कि उसके यहां किसी अनिल प्रजापति नामक एजेंट की कोई नहीं हुई. फरियादी कुमार सत्यम ने शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने जांच में पाया कि आरोपी ने लोगों से ठगी कर बैंक में जमा नहीं किया और पैसे हड़प लिए. आरोपी के खिलाफ धारा 409 और 406 भादवि में अपराध पंजीबद्ध किया गया. पुलिस ने जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया. द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश एमके वर्मा की अदालत ने आरोपी अनिल प्रजापति को 7 वर्ष का कारावास और 8 लाख रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई. शासन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक रेखा चौरसिया ने मजबूत पैरवी की.
