नयी दिल्ली, 23 अप्रैल (वार्ता) युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय 24 से 26 अप्रैल, 2026 तक जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर स्थित शेर-ए-कश्मीर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रियों का तीन दिवसीय चिंतन शिविर आयोजित करेगा। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया और युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री श्रीमती रक्षा निखिल खडसे इस शिविर का नेतृत्व करेंगी।
चिंतन शिविर संरचित विचार-विमर्श का उच्च स्तरीय मंच होगा, जिसका उद्देश्य केंद्र-राज्य सहयोग, नीतिगत सामंजस्य और संस्थागत समन्वय द्वारा खेल प्रशासन और युवा विकास संरचना को सुदृढ़ बनाना है। शिविर में मंत्रालय के वरिष्ठ नेतृत्वकर्ता, जिनमें युवा कार्यक्रम सचिव डॉ. पल्लवी जैन गोविल, युवा कार्यक्रम अपर सचिव नितेश कुमार मिश्रा और खेल सचिव हरि रंजन राव शामिल हैं। साथ ही इसमें खेलो इंडिया, फिट इंडिया, माय भारत और राष्ट्रीय सेवा योजना – एनएसएस जैसी प्रमुख राष्ट्रीय कार्यक्रमों के प्रतिनिधि भी शामिल रहेंगे।
इस उच्च स्तरीय विमर्श में देश के खेल तंत्र को सुदृढ़ बनाने पर विशेष बल दिया जाएगा। इसमें खेलो इंडिया मिशन के तहत पदक रणनीति और खिलाड़ी विकास के उपायों पर केंद्रित चर्चा, प्रस्तावित खेलो भारत नीति द्वारा केंद्र-राज्य तालमेल बढ़ाने और प्रतिभा पहचान एवं जमीनी स्तर पर खेल विकास प्रणालियों पर बातचीत प्रस्तावित है। खेल प्रशासन, स्वच्छ एवं सुरक्षित खेल को बढ़ावा देने और सुदृढ़ खेल सामग्री निर्माण तंत्र विकसित करने से संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी। शिविर में निरंतरता, उत्तरदायित्व और प्रत्यक्ष परिणाम सुनिश्चित करने के लिए पिछले सत्रों की कार्रवाई रिपोर्ट की भी समीक्षा की जाएगी।
खेलों के साथ ही, शिविर में युवा मामलों पर व्यापक विमर्श होगा, जिसमें सहभागिता बढ़ाने, कार्यान्वयन ढांचे में सुधार और संस्थागत प्रभाव मजबूत बनाने पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित किया जाएगा। बातचीत में वार्षिक कार्य योजना 2026-27, जमीनी स्तर पर युवा क्लबों को व्यवस्थागत मजबूती देना और माय भारत पोर्टल द्वारा डिजिटल सहभागिता बढ़ाना शामिल होगा। लक्षित समूह तक पहुंच और दक्षता में सुधार के लिए माय भारत और राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के बीच समन्वय बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसमें निर्धारित राशि प्रवाह तंत्र और कार्यक्रम तालमेल शामिल हैं। नेतृत्व विकास, स्वयंसेवा, अनुभवात्मक शिक्षा और नशा मुक्ति अभियान जैसी युवा-नेतृत्व संबंधी प्रमुख पहल पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
तीन दिवसीय कार्यक्रम “संवाद से समाधान”, “समाधान से संकल्प” और “आत्मावलोकन” के विषयगत ढांचे पर संरचित किया गया है, जिससे संवाद, आपसी संपर्क से ज्ञान और कार्रवाई-उन्मुख परिणाम हासिल हों। इन सत्रों में मुख्य संबोधन, मंत्रालय के अधिकारियों और राज्यों की प्रस्तुतियां, सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान, विषय केंद्रित चर्चाएं और विषयगत समूह कार्य शामिल होंगे। सहयोगात्मक नीति प्रयोगशालाएं (मिलकर नीतिगत समस्याओं का समाधान) और प्रतिपुष्टि सत्र-समाधान और कार्यान्वयन योजनाओं को सुगम बनाएंगे। विचार-विमर्श का वास्तविक समय में अभिलेखीकरण किया जाएगा, जिससे कार्रवाई योग्य परिणाम प्राप्त होंगे।
इस शिविर में समग्र सहभागिता बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियां आयोजित होंगी, जिनमें योग सत्र, फिट इंडिया साइक्लोथॉन और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल हैं। साथ ही इसमें भाग लेने वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच अनौपचारिक परामर्श का अवसर भी मिलेगा।
इस चिंतन शिविर को सहकारी संघवाद मजबूत बनाने, हितपक्षों के बीच समन्वय बढ़ाने और खेल एवं युवा विकास दोनों ही क्षेत्रों में कार्यक्रम प्रभावशीलता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। संभावना है कि इसके परिणाम भविष्य की नीतिगत दिशा तय करेंगे और विकसित भारत 2047 की दृष्टि योजना के अनुरूप सशक्त और सक्रिय युवा आधार के साथ ही मजबूत खेल पारिस्थितिकी तंत्र निर्मित करने में लाभकारी होंगे।
