मुंबई, 25 जुलाई (वार्ता) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा-एसपी) प्रमुख शरद पवार ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को युवा शक्ति की एकता और हमारे लोकतंत्र की मजबूती की जीत बताया है।
श्री पवार ने इस घटनाक्रम को छात्रों की सामूहिक शक्ति का प्रदर्शन बताया। उन्होंने कहा कि युवाओं ने लगातार और शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शनों के माध्यम से सरकार को अपनी नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करने के लिए मजबूर किया। उन्होंने इस नतीजे को सामूहिक युवा शक्ति की जीत बताते हुए आंदोलन के दौरान छात्रों के प्रदर्शित संकल्प और अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि जब युवा शांतिपूर्ण ढंग से एकजुट होकर अपनी आवाज उठाते हैं तथा अपने मकसद के प्रति प्रतिबद्ध रहते हैं, तो लोकतंत्र मजबूत होता है।
उन्होंने विरोध-प्रदर्शनों के दौरान सीधे प्रधानमंत्री से बात करते हुए चेतावनी दी थी कि आंदोलनकारी छात्रों के साथ बातचीत न होने के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने सरकार से आग्रह किया था कि या तो वह सार्थक बातचीत करे या फिर संकट को सुलझाने की जिम्मेदारी ले।
श्री पवार ने प्रारंभिक बातचीत से कोई नतीजा नहीं निकलने की बात कही। उन्होंने कहा कि बाद में सरकार छात्रों की मुख्य मांगों पर फिर से विचार करने को तैयार हो गयी और इसके बाद शिक्षा मंत्री के इस्तीफे से यह मामला खत्म हुआ। इस वरिष्ठ नेता ने आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों को मजबूत नैतिक समर्थन देने के लिए सभी पार्टियों के विपक्षी सांसदों की भी दिल से सराहना की।
