
नई दिल्ली। देश भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। मौसम संबंधी उपग्रह चित्रों में भारत से लेकर दक्षिण कोरिया तक हजारों किलोमीटर लंबी बादलों की एक विशाल पट्टी (मॉनसून रेन बैंड) दिखाई दी है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और पूर्वी एशिया की मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से बनी है, जिसके कारण भारत के कई हिस्सों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की जा रही है। कुछ क्षेत्रों में बारिश सामान्य से काफी अधिक रही है, जबकि कई राज्यों में बाढ़, जलभराव और यातायात प्रभावित होने जैसी स्थितियां भी सामने आई हैं।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है। लगातार वर्षा और मौसम संबंधी परिस्थितियों के कारण पश्चिम रेलवे ने एहतियात के तौर पर अहमदाबाद–मुंबई मार्ग की कुछ ट्रेनों का संचालन प्रभावित होने की जानकारी दी है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि सक्रिय मानसूनी प्रणाली कृषि के लिए लाभकारी हो सकती है, लेकिन संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन, जलभराव और तेज बहाव जैसी परिस्थितियों को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। प्रशासन ने नागरिकों से मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा बुलेटिन का पालन करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
