इंदौर: कनाडिया पुलिस ने ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो राजस्थान और हरियाणा से इंदौर आकर चोरी की वारदातों को अंजाम देता था. ये शातिर आरोपी पुलिस की निगरानी से बचने के लिए मोबाइल डोंगल से इंटरनेट चलाते थे, जिससे उनकी लोकेशन ट्रेस न हो सके. यहां तक कि वारदात से पहले गूगल मैप और वाक-अप कॉल का इस्तेमाल कर इलाके की स्थिति और भागने के रास्ते तक खंगालते थे.
एडीसीपी अमरेन्द्र सिंह ने बेताया कि कनाडिया पुलिस ने गिरोह के मुख्य सदस्य सतपाल फौजी और उसके साथियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों से करीब 16 लाख रुपए का माल बरामद किया है. सतपाल फौजी हरियाणा का रहने वाला है और उसके खिलाफ राजस्थान, पंजाब, दिल्ली और हरियाणा में 40 से अधिक अपराध दर्ज हैं, जिनमें बैंक डकैती और नकबजनी जैसी बड़ी वारदातें शामिल हैं.
आरोपी इंदौर आने के लिए हरियाणा नंबर की आई-10 नियो कार का इस्तेमाल करते थे, जिससे वे राज्य सीमाओं पर टोल से बच निकलते थे. वे चोरी के लिए आमतौर पर पीस कॉलोनी, स्कीम नंबर 114 और कनाडिया क्षेत्र को टारगेट करते थे. गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों के ठिकानों से सोने-चांदी के गहने, नकदी और चोरी में प्रयुक्त उपकरण जब्त किए हैं. पूछताछ में उन्होंने कई अन्य वारदातों का खुलासा भी किया है. अमरेन्द्र सिंह ने बताया कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और इसके तार हरियाणा व राजस्थान के कई जिलों से जुड़े हैं. मुख्य आरोपी सतपाल फौजी पूर्व सैनिक बताया जा रहा है और गिरोह का संचालन वही करता था.
