
सिंगरौली । राजस्व मंडल पंजरेह में वर्षों से पदस्थ एक पटवारी के स्थानांतरण तथा पंजरेह सर्किल में नायब तहसीलदार का नियमित कार्यालय संचालित किए जाने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ रहने के कारण राजस्व कार्यों में मनमानी की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं, जिससे किसानों और काश्तकारों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मोरवा क्षेत्र में प्रस्तावित बड़े विस्थापन से करीब 50 हजार परिवार प्रभावित होने वाले हैं। विस्थापन के दौरान नाम, खसरा, नक्शा, सीमांकन, उत्तराधिकार और अन्य राजस्व दस्तावेजों में संशोधन की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। इसके बावजूद पंजरेह क्षेत्र में नायब तहसीलदार का कार्यालय संचालित नहीं होने से लोगों को लगभग 35 किलोमीटर दूर बैढ़न स्थित पचौर तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इससे समय और आर्थिक दोनों तरह का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पंजरेह सर्किल में नायब तहसीलदार की नियमित बैठक होने लगे तो अधिकांश राजस्व प्रकरणों का स्थानीय स्तर पर ही त्वरित निराकरण संभव हो सकेगा। यह मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अब तक जिला प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं दिखाई दी है। इधर वर्षों से एक ही क्षेत्र में पदस्थ पटवारी की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि उनके कार्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। विपक्षी दल भी इस मुद्दे को लेकर प्रशासन पर निशाना साध रहे हैं।
