तानाशाही का अंत और युवा आक्रोश से डरी मोदी सरकार, शिवसेना (यूबीटी) के मुखपत्र ‘सामना’ का केंद्र पर तीखा हमला

नई दिल्ली, शिवसेना (यूबीटी) ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ के जरिए केंद्र की मोदी सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। संपादकीय में कहा गया है कि दिल्ली में युवाओं के भारी विरोध प्रदर्शन और दमन के बीच जनता से संवाद खत्म हो चुका है, जो किसी भी तानाशाही शासन के पतन की शुरुआत का स्पष्ट संकेत है।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और पुलिस कार्रवाई पर सवाल

लेख में आरोप लगाया गया कि सरकार जनता की आवाज सुनने के बजाय पुलिस बल का खुलकर इस्तेमाल कर रही है। साथ ही शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाते हुए यह दावा किया गया कि यदि एक मंत्री को हटाया गया तो पूरी कैबिनेट पर संकट आ सकता है।

संवादहीनता और इतिहास के उदाहरणों का जिक्र

बांग्लादेश और नेपाल के छात्र आंदोलनों का हवाला देते हुए संपादकीय में चेतावनी दी गई है कि जब शासक और जनता के बीच संवाद पूरी तरह टूट जाता है, तब जनता का धैर्य जवाब दे देता है और अंततः अहंकार तथा तानाशाही का पतन तय होता है।

Next Post

नीट विरोध प्रदर्शन और लाठीचार्ज के बाद बोले अभिजीत दीपके के माता-पिता, बेटे की चिंता है पर पीछे नहीं हटने देंगे

Wed Jul 22 , 2026
नई दिल्ली, दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट परीक्षा में धांधली और पेपर लीक के खिलाफ चल रहे आंदोलन के दौरान संसद मार्च पर हुए लाठीचार्ज का मामला गर्मा गया है। इस कठिन परिस्थिति में आंदोलन का नेतृत्व कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके के माता-पिता खुलकर सामने […]

You May Like