पश्चिम एशियाई क्षेत्र में समुद्री जहाजों पर हमले की घटनाओं में सबसे अधिक भारतीय नागरिक मारे गये : विदेश मंत्रालय

नयी दिल्ली 14 जुलाई (वार्ता) विदेश मंत्रालय ने पश्चिम एशियाई क्षेत्र में समुद्री मालवाहक जहाजों पर फिर से हमले शुरू होने पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि यह टकराव शुरू होने के बाद से इन हमलों में अब तक सबसे अधिक भारतीय नागरिक मारे गये हैं हालांकि उसने मृतकों की संख्या नहीं बतायी है।

भारतीय चालक दलों वाले दो समुद्री पोतों पर मंगलवार को हॉर्मूज जलडमरूमध्य में ईरान के ताजा हमले के संदर्भ में इस क्षेत्र में मारे गये भारतीय नागरिकों की संख्या के बारे में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि यह सही है कि इस क्षेत्र में समुद्री जहाजों पर हमले में सबसे अधिक भारतीय नागरिक ही मारे गये हैं लेकिन इनकी सही संख्या अभी उनके पास नहीं है।

विदेश मंत्रालय ने इन हमलों को गंभीरता से लेते हुए मंगलवार को यहां ईरानी दूतावास के राजनयिक को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया तथा हमले की कड़ी निंदा की । इन हमलों में जहाज पर सवार चालक दल के सदस्यों में शामिल एक भारतीय नागरिक की मौत हो गयी और कई अन्य घायल हो गये।

विदेश मंत्रालय ने एक वक्तव्य जारी कर कहा कि भारत पश्चिम एशियाई क्षेत्र में हमलों के फिर से शुरू होने और शत्रुता बढ़ने पर गहरी चिंता व्यक्त करता है तथा क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता के हित में हिंसा की तत्काल समाप्ति और संवाद एवं कूटनीति की वापसी का आह्वान करता है।

वक्तव्य में कहा गया है कि भारत मंगलवार को होरमुज़ जलडमरूमध्य से होकर गुजरने के दौरान दो पोतों, एमटी अल बहियाह और एमटी मोम्बासा, पर हुए हमलों से अत्यंत चिंतित है। दोनों पोतों पर सवार कुल 46 सदस्यीय चालक दल में 30 भारतीय नाविक शामिल थे। एमटी अल बहियाह पर सवार 12 भारतीय नागरिकों में से एक की दुखद मृत्यु हो गयी और एक अन्य घायल हुआ है। एमटी मोम्बासा पर सवार 18 भारतीय नागरिकों में से 9 घायल हुए हैं, जिनमें 2 के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना है।

मंत्रालय ने कहा है, “हम दिवंगत भारतीय नागरिक के परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँं व्यक्त करते हैं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं। संयुक्त अरब अमीरात में हमारा मिशन और कार्यालय स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए हैं तथा प्रभावित भारतीय नाविकों को हर संभव सहायता सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारियों के संपर्क में हैं।”

वक्तव्य में कहा गया है कि यहां स्थित ईरान के दूतावास के मिशन उप प्रमुख को सुबह विदेश मंत्रालय ने तलब किया और इन हमलों के विरुद्ध उनके समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया।

वक्तव्य में कहा गया है कि भारत इन हमलों और नाविकों को निशाना बनाने वाली तथा होरमुज़ जलडमरूमध्य जैसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों के माध्यम से स्वतंत्र और सुरक्षित नौवहन को बाधित करने वाली हिंसक घटनाओं की कड़ी निंदा करता है।

विदेश मंत्रालय ने कहा है,” हम पश्चिम एशियाई क्षेत्र में हमलों के फिर से शुरू होने और शत्रुता बढ़ने के कारण अपनी गहरी चिंता को भी दोहराते हैं तथा क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता के हित में हिंसा की तत्काल समाप्ति और संवाद एवं कूटनीति की वापसी का आह्वान करते हैं। विशेष रूप से, क्षेत्र में वाणिज्यिक नौवहन और नागरिक अवसंरचना को निशाना बनाना बंद होना चाहिए, ताकि अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप क्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों के माध्यम से स्वतंत्र और निर्बाध नौवहन तथा व्यापार को जल्द से जल्द बहाल किया जा सके।”

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