भागीरथपुरा में काम के दौरान बिगड़ी तबीयत, उल्टी-दस्त के बाद एमवाय अस्पताल में मौत
इंदौर:भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से फैल रही बीमारी का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। उल्टी-दस्त से पीड़ित एक और युवक की मौत के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। इलाके में सैकड़ों लोग अब भी बीमार हैं और अस्पतालों में इलाज जारी है।कुलकर्णी नगर की 32, लक्ष्मण बाली बस्ती में रहने वाले अरविन्द पिता हीरालाल लिखार (43) बेलदारी का काम करते थे।
रविवार को वे काम के सिलसिले में भागीरथपुरा पहुंचे थे। दोपहर करीब 2 बजे उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी और वे घर लौट आए। परिजनों को उन्होंने बताया कि उल्टी-दस्त की शिकायत हो रही है। इसके बाद उन्होंने घर पर दवाइयां लीं, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। मंगलवार शाम को बुजुर्ग पिता उन्हें वर्मा हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताकर भर्ती की सलाह दी। इसके बाद आसपास के रहवासियों की मदद से उन्हें एमवाय अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान बीती रात उनकी मौत हो गई।
परिजनों ने बताया कि युवक ही घर का मुख्य सहारा था। उसकी पत्नी और तीन बच्चे अलग रहते हैं, जबकि वृद्ध माता-पिता उसी पर निर्भर थे। क्षेत्रीय रहवासियों का कहना है कि युवक भागीरथपुरा में ही काम कर रहा था और वहीं दूषित पानी पीने से बीमार पड़ा। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। रहवासियों ने प्रशासन से साफ पानी की व्यवस्था, बीमारों के समुचित इलाज और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।
