नवोदय विद्यालय के दो छात्रों की डबरी में डूबने से मौत, सोमवार शाम से थे लापता 

उज्जैन/घट्टिया। पीएम श्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय में अध्यनरत दो छात्र 13 जुलाई सोमवार देर शाम लापता हो गए जिनके शव मंगलवार सुबह विद्यालय के पास पानी की डबरी में मिले।

थाना प्रभारी करण खोवाल ने बताया कि सोमवार रात नवोदय विद्यालय में कक्षा 10वी में अध्यनरत छात्र प्रज्ञान पिता नरेश विमल (15 वर्ष) व कक्षा 9वी में अध्यनरत छात्र रोशन पिता मुकेश बरेठा की गुमशुदगी दर्ज हुई थी। जिस पर से पुलिस द्वारा बस स्टैंड पर व अन्य जगहों पर सीसीटीवी कैमरे की जांच की गई व लगातार क्षेत्र में खोजबीन करने पर मंगलवार अल सुबह 6 बजे एक छात्र का शव विद्यालय के पीछे पानी की डबरी में तैरती मिली। जिसे बाहर निकाला गया जिसकी पहचान प्रज्ञान विमल के रूप में की गई। इसी के साथ दूसरे लापता छात्र रोशन बरेठा की तलाश हेतु पुलिस ने एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की टीमों का सहारा। कड़ी मशक्कत के बाद रोशन के शव को रेस्क्यू किया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोनों छात्र सोमवार शाम को कही चले गए थे जब देर रात तक नहीं आए व कोई संपर्क नहीं हो पाया तो पुलिस को सूचना दी गई। जिस पर से पुलिस ने लगातार खोजबीन की कि मंगलवार सुबह पुलिस को सूचना मिली कि विद्यालय की बाउंड्री से लगी डबरी में एक छात्र का शव तेर रहा है। सूचना पर तत्काल थाना प्रभारी करण खोवाल, उपनिरीक्षक प्रवेश जाटव और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। ग्रामीणों की मदद से छात्र प्रज्ञान विमल के शव को बाहर निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए जिला चिकित्सालय भेजा गया व दूसरे छात्र रोशन का शव एसडीआरएफ की टीम द्वारा रेस्क्यू किया गया। दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिए गए। मृतक प्रज्ञान के परिजन शव लेकर अंतिम संस्कार हेतु अपने पेतृक गांव ग्वालियर के पास गए व मृतक रोशन के परिजन शव लेकर अंतिम संस्कार हेतु पैत्रक गाव कन्नौज के पास सुनेरा गांव गए हैं। विद्यालय स्टाफ के बच्चे होने से परिवार के साथ स्टाफ क्वार्टर में निवासरत थे, प्राचार्य ने चर्चा करने से किया इन्कार विद्यालय प्राचार्य किरण महस्के से संपर्क करने के प्रयास किए गए किन्तु उन्होंने चर्चा करने से इन्कार कर दिया। वहीं विद्यालय के उप प्राचार्य शशिकुमार चौधरी ने चर्चा में बताया कि दोनों छात्र विद्यालय में अध्यनरत थे व विद्यालय में कक्षा में अध्ययन के बाद विद्यालय परिसर में बने स्टाफ क्वार्टर में अपने परिवार के साथ ही निवासरत थे। जहां स्टाफ क्वार्टर बने हंै वहां हास्टल के विद्यार्थियों का प्रवेश निषिद्ध है।

 

तीन बहनो में अकेला भाई था प्रज्ञान

मृतक प्रज्ञान के पिता नरेश विमल विद्यालय में ही कार्यरत थे जिनका कुछ वर्षों पूर्व निधन हो गया था। प्रज्ञान की बहन दामिनी विमल अनुकम्पा में जेएसए पद पर कार्यरत थी व मृतक रोशन के पिता मुकेश बरेठा विद्यालय में मेस हेल्पर के पद पर कार्यरत थे। मृतक प्रज्ञान तीन बहनो का अकेला भाई था। उसके माता पिता का भी कुछ वर्षों पहले निधन हो गया। पिता की जगह बड़ी बहन अनुकम्पा में नवोदय विद्यालय में कार्यरत थी। उसी के पास रहकर प्रज्ञान पढ़ाई कर रहा था। भाई की मौत की खबर सुनकर बहन का रो रो कर बुरा हाल है।

 

विद्यालय प्रशासन की लापरवाही आई सामने

 

हादसे ने विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक मुस्तैदी की पोल खोलकर रख दी है। एक सुरक्षित और पूर्णत: आवासीय परिसर से दो नाबालिग सुरक्षाकर्मियों और वार्डन की नजरों से बचकर बाहर कैसे निकल गए? लोगों का आरोप है कि हॉस्टल में रात्रि अटेंडेंस और कैंपस की बाउंड्री वॉल की सुरक्षा को लेकर लापरवाही बरती गई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद जिम्मेदार कर्मचारियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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