
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट ने शहर में कई जगहों के बंद पड़े ट्रैफिक सिग्नलों के मामले को गंभीरता से लिया है। कार्यवाहक चीफ जस्टिस विवेक रूसिया तथा जस्टिस प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने सरकार से कहा है कि ट्रैफिक सिग्नलों में एकरूपता के लिए एजेन्सी को नियुक्त करने पर विचार करें। युगलपीठ ने इस संबंध में अगली सुनवाई के दौरान प्रस्ताव पेश करने के निर्देश जारी किये है। याचिका पर अगली सुनवाई 28 जुलाई को निर्धारित की गयी है।
नागरिक उपभोक्ता मंच के डॉ. पीजी नाजपांडे की तरफ से दायर की गयी याचिका में कहा गया है कि जबलपुर शहर में लगे कई ट्रैफिक सिग्नल बंद हैं। इन सिग्नलों पर लगे कैमरों से भी निगरानी नहीं हो रही है। इस कारण ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर ई-चालान की कारवाई नहीं हो पा रही है। इसके चलते शासन को भी लाखों रुपए की क्षति हो रही है। ट्रैफिक सिग्नल बंद होने से प्रत्येक चौराहे पर जाम लगा रहता है। शहर की यातायात व्यवस्था चौपट हो गई है। नगर निगम, स्मार्ट सिटी एवं यातायात विभाग एक दूसरे पर जिम्मेदारी का ठीकरा फोड़ रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। याचिका में मांग की गई कि सभी ट्रैफिक सिग्नल व ट्रैफिक व्यवस्था तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिये जाये। याचिका में राज्य सरकार, नगर निगम व स्मार्ट सिटी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
याचिका की सुनवाई के दौरान नगर निगम तथा स्मार्ट सिटी की तरफ उनके द्वारा संचालित ट्रैफिक सिग्नल की जानकारी पेष की गयी। याचिका पर शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान युगलपीठ ने उक्त आदेश जारी किये। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने पैरवी की।
