
जबलपुर। रॉयल राजपूताना लेडीज़ क्लब द्वारा आयोजित भव्य और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन राजपूताना परंपराओं की गरिमा और गौरव को पुनः जीवित करने का रहा। कार्यक्रम में राजस्थानी सांस्कृतिक रंग और परिधानों की छटा देखते ही बन रही थी। पारंपरिक पोशाकों में सजी महिलाओं ने मंच पर जिस आत्मविश्वास और गरिमा से प्रस्तुति दी, उसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
तलवारों के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुति
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा शौर्य प्रदर्शन, जिसमें तलवारों के साथ मंच पर महिलाओं की प्रस्तुति, जिसने राजपूताना इतिहास के स्वाभिमान और साहस को जीवंत कर दिया।
घूमर और पारंपरिक नृत्य
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक घूमर नृत्य ने कार्यक्रम को जीवंतता दी। हर कदम, हर ताल में परंपरा की झलक और ऊर्जा थी, जिसने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
विजयादशमी पर शस्त्र पूजन और परंपरा
कार्यक्रम में विजयादशमी के अवसर पर शस्त्र पूजन की रस्म अत्यंत श्रद्धा और भक्ति के साथ निभाई गई। महिला सदस्यों ने तलवारों की पूजा कर साहस, धर्म और सम्मान की परंपरा को पुनः स्मरण कराया।
इनकी रही उपस्थिति
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ज्ञानेश्वरी दीदी, माला राकेश सिंह, स्मृति भार्गव, क्लब की संरक्षक अर्चना सिंह (रीवा), अनुपम सिंह (छपरा), आराधना सिंह, अनुराधा सिंह, विश्रांति सिंह, अनसूया सिंह, मोनिका सिंह और शोभा सिंह उपस्थित थी।
इनका कहना है
यह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, हमारी सांस्कृतिक पहचान का उत्सव था। महिलाओं का आत्मबल देखकर गर्व महसूस हुआ।
अनामिकासिंह
राजपूताना परंपराओं को यूँ जीवंत होते देख मन आनंदित हो गया। नई पीढ़ी में ये संस्कार देखना प्रेरणादायक है।
राजेश्वरी सिंह
तलवारों के साथ महिलाओं की प्रस्तुति ने रोंगटे खड़े कर दिए। शौर्य और संस्कृति का अद्भुत संगम था।
सुनीता सिंह
घूमर नृत्य में शामिल होकर ऐसा लगा जैसे इतिहास में लौट गई हूँ। हमारी परंपराओं की सुंदर झलक हर प्रस्तुति में दिखी।
काजलसिंह
