
नीमच। जिले के बहुचर्चित अफीम तस्करी मामले में एक बड़ा और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है, जिसने पुलिस महकमे को हिलाकर रख दिया है। नीमच के जीरन थाना पुलिस ने साढ़े चार किलो अफीम के साथ गिरफ्तार किए गए तस्कर की निशानदेही पर रेलवे सुरक्षा बल (जीआरपी) के एक एएसआई को गिरफ्तार किया है। वहीं, गिरफ्तार एएसआई ने खुद को बेकसूर बताते हुए अपने ही विभाग के एक थाना प्रभारी पर गंभीर साजिश रचने का आरोप लगाया है।
बाल्टी में छिपाकर ले जाई जा रही थी 22.5 लाख की अफीम
जानकारी के अनुसार, जीरन पुलिस ने मंगलवार को सीमखेड़ा निवासी तस्कर मंगल सिंह को हर्कियाखाल क्षेत्र में संदिग्ध अवस्था में पकड़ा था। तेज बारिश के दौरान हुई इस कार्रवाई में पुलिस ने जब मंगल सिंह के पास मौजूद कैस्ट्रोल तेल की हरी बाल्टी की तलाशी ली, तो उसमें से 4 किलो 500 ग्राम अवैध अफीम बरामद हुई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस अफीम की अनुमानित कीमत करीब 22 लाख 50 हजार रुपए बताई जा रही है।
तस्कर ने उगला नाम, नप गए एएसआई भाटी
गिरफ्तारी के बाद जब जीरन पुलिस ने तस्कर मंगल सिंह से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने चौंकाने वाला राज खोला। मंगल सिंह ने पुलिस को बताया कि बरामद अफीम में से 1 किलो 500 ग्राम अफीम उसने शामगढ़ जीआरपी में पदस्थ एएसआई कन्हैयालाल भाटी से खरीदी थी। कन्हैयालाल भाटी पूर्व में नीमच जीआरपी का थाना प्रभारी भी रह चुका है। इस खुलासे के बाद जीरन थाना प्रभारी उमेश यादव और उनकी टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एएसआई कन्हैयालाल भाटी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है ।
गिरफ्तार एएसआई का पलटवार: शामगढ़ थाना प्रभारी ने रचा षड्यंत्र
इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद पुलिस महकमे में उस वक्त हडक़ंप मच गया, जब आरोपी एएसआई कन्हैयालाल भाटी ने अपने ही विभाग के अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। भाटी ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार और फर्जी बताया है।
न्यायालय में पेश किये जाते वक्तभाटी ने मीडिया से सीधा आरोप लगाते हुए कहा:शामगढ़ थाना प्रभारी कपिल सौराष्ट्र द्वारा मेरे खिलाफ यह झूठा केस बनवाया गया है। यह पूरी कहानी और षड्यंत्र उन्हीं के द्वारा रचा गया है ताकि मुझे फंसाया जा सके।इस पूरे मामले में जीरन थाना प्रभारी उमेश यादव ने बताया की तस्कर मंगल सिंह से कड़ाई से पूछताछ करने पर पुलिस को बताया कि बरामद अफीम उसने शामगढ़ जीआरपी में पदस्थ एएसआई कन्हैयालाल भाटी से खरीदी थी। पुलिस इस पूरे अफीम नेटवर्क को खंगालने में जुटी है, लेकिन एक पुलिस अधिकारी द्वारा दूसरे पुलिस अधिकारी पर लगाए गए इस गंभीर आरोप ने अब इस पूरी जांच को बेहद संवेदनशील बना दिया है।
