
सीधी । मध्यप्रदेश शासन के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग तथा जिले के प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल की अध्यक्षता में गुरुवार को जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिले के समग्र, समावेशी एवं दीर्घकालीन विकास को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया तथा विभिन्न विभागों की विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करते हुए उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विकसित मध्यप्रदेश के संकल्प को साकार करने के लिए प्रत्येक जिले का योजनाबद्ध एवं समावेशी विकास आवश्यक है। इसी उद्देश्य से जिला विकास सलाहकार समिति का गठन किया गया है, जिसमें जनप्रतिनिधियों के साथ विभिन्न क्षेत्रों के अनुभवी एवं विशेषज्ञ व्यक्तियों को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि समिति केवल सुझाव देने का मंच नहीं, बल्कि जिले के दीर्घकालीन विकास की दिशा तय करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। सभी सदस्यों के सुझावों के आधार पर सीधी के विकास का सशक्त रोडमैप तैयार किया जाएगा। प्रभारी मंत्री ने विभिन्न विभागों की समीक्षा करते हुए कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने नगरीय निकायों को वर्षा ऋतु के दौरान साफ-सफाई, जल निकासी, नालियों की नियमित सफाई तथा स्वच्छता व्यवस्था को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए, जिससे नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि वर्षा ऋतु को देखते हुए मौसमी एवं जलजनित रोगों की रोकथाम के लिए विशेष सतर्कता बरती जाए। सभी स्वास्थ्य संस्थानों में पर्याप्त दवाइयों की उपलब्धता, आवश्यक जांच सुविधाएं, चिकित्सकीय दलों की सक्रियता तथा जनजागरूकता गतिविधियां सुनिश्चित की जाएं ताकि आमजन को समय पर उपचार उपलब्ध हो सके। प्रभारी मंत्री ने सभी विभागों के अधिकारियों से कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। विभागीय समन्वय के साथ कार्य करते हुए विकास कार्यों में नवाचार और जनसहभागिता को बढ़ावा दिया जाए, ताकि जिले के समग्र विकास को नई गति मिल सके। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मंजू सिंह, समाजसेवी देव कुमार सिंह चौहान सहित समिति के सदस्यों ने भी शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार, अधोसंरचना, पर्यटन एवं अन्य विकास संबंधी विषयों पर महत्वपूर्ण सुझाव दिए। बैठक के अंत में कलेक्टर विकास मिश्रा ने समिति के सदस्यों को आश्वस्त किया कि बैठक में प्राप्त सभी सुझावों का गंभीरता से परीक्षण कर उन्हें कार्ययोजना में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रभारी मंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों का समयबद्ध पालन सुनिश्चित करते हुए विभिन्न विभागों के समन्वय से जिले के विकास कार्यों को और अधिक गति प्रदान की जाएगी।
बैठक में वनमण्डलाधिकारी श्रीमती प्रीति अहिरवार, समिति के सदस्य एवं विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे।
सीधी जिले को भी विकास के नए मानक स्थापित करने होंगे- रीती
बैठक में सीधी विधायक श्रीमती रीती पाठक ने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सीधी जिले को भी विकास के नए मानक स्थापित करने होंगे। इसके लिए दीर्घकालीन सोच के साथ आज से ही ठोस तैयारी प्रारंभ करनी होगी। सिहावल विधायक विश्वामित्र पाठक ने कहा कि शासन की विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, जिससे उनका वास्तविक लाभ आमजन तक पहुंचे।
प्रत्येक ग्राम पंचायत का विकास रोडमैप तैयार किया जाए- कुंवर
धौहनी विधायक कुंवर सिंह टेकाम ने सुझाव दिया कि विकसित सीधी के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक ग्राम पंचायत का विकास रोडमैप तैयार किया जाए, ताकि स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित किया जा सके। पूर्व विधायक चुरहट श्री शरदेन्दु तिवारी ने कहा कि जिले के संतुलित विकास के लिए माइक्रो एवं मैक्रो स्तर पर योजनाबद्ध कार्ययोजना तैयार कर उसके अनुरूप कार्य किए जाने की आवश्यकता है।
