
ग्वालियर। माधव प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान, डीम्ड यूनिवर्सिटी ग्वालियर में “प्रोएक्टिव साइबरसिक्योरिटी: रियल-वर्ल्ड डिजिटल थ्रेट्स एंड डिफेंसेज़” विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम उन्नत कंप्यूटिंग विकास केंद्र (सी-डैक), नोएडा और संस्थान के इंटरनल क्वालिटी एश्योरेंस सेल के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया गया। उन्नत कंप्यूटिंग विकास केंद्र (सी-डैक) इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय का प्रमुख अनुसंधान एवं विकास संगठन है जो आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स और संबंधित क्षेत्रों में अनुसंधान एवं विकास करता है।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य डिजिटल युग में बढ़ते साइबर खतरों की पहचान, रोकथाम और सुरक्षा उपायों के प्रति शिक्षकों, शोधार्थियों, छात्रों एवं अन्य नागरिकों को जागरूक करना था। कार्यक्रम में उन्नत कंप्यूटिंग विकास केंद्र (सी-डैक), नोएडा के विशेषज्ञों ने साइबर सुरक्षा की नवीनतम तकनीकों, डेटा सुरक्षा, साइबर हमलों के विश्लेषण और रियल-टाइम रणनीतियों पर गहन प्रशिक्षण दिया।
कार्यक्रम को चार सत्रों में विभाजित किया गया, जिनमें प्रतिभागियों को डिजिटल सुरक्षा प्रोटोकॉल, मैलवेयर विश्लेषण, नेटवर्क सुरक्षा और साइबर घटनाओं के प्रबंधन जैसे विषयों पर व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया गया ।
संस्थान की डीन, फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, डॉ. मंजरी पंडित ने कहा, “यह प्रशिक्षण हमारे शैक्षणिक समुदाय को साइबर खतरों के प्रति सजग बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्नत कंप्यूटिंग विकास केंद्र (सी-डैक) जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के साथ सहयोग से हम आधुनिक चुनौतियों के समाधान हेतु प्रौद्योगिकी और ज्ञान का समन्वय कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “इस कार्यक्रम का लक्ष्य साइबर सुरक्षा को केवल सैद्धांतिक न रखकर व्यावहारिक अनुभवों के माध्यम से सशक्त बनाना है।” प्रतिभागियों की भागीदारी में एम आई टी एस – डीम्ड यूनिवर्सिटी ग्वालियर लगातार ऐसे आयोजनों के माध्यम से शिक्षा और अनुसंधान को डिजिटल युग की माँगों के अनुरूप विकसित करने के प्रति संकल्पित है।
