वाशिंगटन/तेहरान, 10 जुलाई (वार्ता) अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच क्षेत्रीय मध्यस्थों ने दोनों देशों के बीच बातचीत को फिर से शुरू करने के लिए राजनयिक प्रयास तेज कर दिये हैं। एक अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, दो दिनों तक दोनों ओर से हुए हमलों के बाद उपजे तनाव को शांत करने के प्रयास में कतर, पाकिस्तान, तुर्की, मिस्र और सऊदी अरब के अधिकारियों ने बुधवार को दोनों पक्षों के साथ कई दौर की बातचीत की। राजनयिकों की यह पहल अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस घोषणा के बावजूद सामने आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका-ईरान समझौता और उसके साथ हुआ संघर्षविराम व्यावहारिक रूप से ‘समाप्त’ हो चुका है। साथ ही श्री ट्रंप ने ईरानी ठिकानों पर हवाई हमलों के आदेश भी दे दिए थे।
सामाचार वेबसाइट एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, मध्यस्थों का मानना है कि हाल के तनाव के बावजूद, दोनों पक्षों ने वार्ता के पिछले दौर में परमाणु समझौते तक पहुंचने में अच्छी प्रगति की थी और उस प्रगति को इतनी आसानी से खारिज नहीं किया जाना चाहिए। इसीलिए वे इस समझौते को पूरी तरह ध्वस्त होने से बचाने का प्रयास कर रहे हैं। मध्यस्थता कर रहे देशों में से एक के सूत्र के अनुसार, मध्यस्थों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में हालिया ईरानी हमले ईरानी शासन के भीतर मौजूद उन तत्वों द्वारा शुरू किए गए थे जो इस समझौते का विरोध करते हैं और इसे कमजोर करना चाहते हैं।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के टेलीग्राम चैनल पर एक बयान के अनुसार, उन्होंने इस स्थिति पर पाकिस्तानी सैन्य प्रमुख फील्ड मार्शल असिम मुनीर के साथ चर्चा की।
रिपोर्ट के अनुसार, श्री अराघची ने तर्क दिया कि हालिया अमेरिकी सैन्य हमले और बयानबाजी इस समझौते का उल्लंघन थे। मध्यस्थता प्रयासों में शामिल एक सूत्र ने कहा, “पहले दोनों पक्षों को तनाव कम करने पर सहमत करने और फिर तकनीकी टीमों के बीच अगले दौर की वार्ता के लिए तारीख तय करने के व्यापक राजनयिक प्रयास चल रहे हैं।” दो दिनों के सैन्य टकराव के बाद, गुरुवार का दिन तुलनात्मक रूप से शांत नजर आया। कुछ ईरानी मीडिया संस्थानों में दक्षिणी ईरान में विस्फोटों की खबरों के बावजूद, अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि गुरुवार को अमेरिका की ओर से कोई नया हमला नहीं किया गया।
एक अमेरिकी अधिकारी ने इस शांति का श्रेय क्षेत्रीय मध्यस्थों द्वारा तनाव कम करने के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों को दिया। श्री ट्रंप ने गुरुवार को वरिष्ठ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक की ताकि स्थिति और संभावित अगले कदमों पर चर्चा की जा सके। बैठक के बाद, एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि अमेरिका हालिया सैन्य तनाव के बावजूद कूटनीतिक समाधान खोजने के लिए प्रतिबद्ध है।
अधिकारी ने कहा, “प्रशासन अभी भी समाधान खोजने के लिए प्रतिबद्ध है, और तकनीकी स्तर की बातचीत जारी है।” इसके साथ ही, अधिकारी ने होर्मुज में ईरान की हालिया कार्रवाइयों की भी आलोचना की। अधिकारी ने कहा, “श्री ट्रंप ने कल बिना किसी अस्पष्टता के अपनी भावनाएं बेहद साफ कर दी थीं। निर्दोष जहाजों पर ईरान के ये हमले आतंकवादी कृत्य हैं।” अधिकारी ने कहा, “यह समझौता प्रदर्शन-आधारित है और ईरान की हालिया कार्रवाइयां एक अस्वीकार्य स्तर पर समझौते के विफल होने को दर्शाती हैं।”

