इंदौर: शहर का भंवरकुआं क्षेत्र प्रदेश ही नहीं, देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले हजारों छात्रों का प्रमुख शिक्षा केंद्र माना जाता है. यहां बड़ी संख्या में कोचिंग संस्थान, हॉस्टल और पीजी संचालित हैं, लेकिन क्षेत्र में कई मूलभूत सुविधाओं की कमी छात्रों और स्थानीय रहवासियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है.स्थानीय लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर सड़कें खराब हैं और बारिश के बाद गड्ढों में पानी भर जाने से दुर्घटना का खतरा बना रहता है. कई गलियों में जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से पानी जमा हो जाता है, जिससे पैदल आने-जाने वाले छात्रों को काफी दिक्कत होती है.
रहवासियों का कहना है कि कुछ इलाकों में स्ट्रीट लाइटें बंद रहने के कारण रात के समय अंधेरा रहता है. बड़ी संख्या में छात्र देर शाम कोचिंग और लाइब्रेरी से लौटते हैं, जिससे सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी रहती है. सफाई व्यवस्था को लेकर भी लोगों ने नाराजगी जताई और नियमित कचरा उठाने की मांग की. छात्रों का कहना है कि भंवरकुआं जैसे व्यस्त क्षेत्र में प्रतिदिन हजारों लोगों का आवागमन होता है, इसलिए यहां बेहतर सड़क, नियमित सफाई, पर्याप्त स्ट्रीट लाइट और सुचारु जल निकासी जैसी सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई जानी चाहिए. स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम और संबंधित विभाग से जल्द समस्याओं का स्थायी समाधान करने की मांग की है, ताकि छात्रों और रहवासियों को राहत मिल सके.
एक छात्र का दर्द
प्रतियोगी छात्र अमित पांडे ने कहा कि हम यहां केवल पढ़ाई करने आते हैं, लेकिन आधी ऊर्जा इन गड्ढों, अंधेरी गलियों और जलभराव से जूझने में निकल जाती है. मकान मालिक हमसे भारी-भरकम किराया वसूलते हैं और नगर निगम टैक्स लेता है, लेकिन जब सुविधाओं की बात आती है, तो भंवरकुआं को भगवान भरोसे छोड़ दिया जाता है. प्रशासन को इस ओर तुरंत ध्यान देना चाहिए.
शिकायत के बावजूद समाधान नहीं
स्थानीय निवासी आकाश यादव ने बताया कि बारिश के दौरान सड़क पर पानी भर जाने से रोजाना जाम की स्थिति बन जाती है. गड्ढों के कारण दोपहिया वाहन चालक फिसलकर गिर जाते हैं और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है. उनका कहना है कि कई बार संबंधित विभाग को शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया.
