जबलपुर: कैंट के राजीव गांधी नगर कटंगा बस्ती के 120 परिवारों के लोगों में गुरूवार को राहत देखी गई .. इसकी मुख्य वजह थी कि इस्टेट डिफेंस ऑफिसर कार्यालय व सैन्य प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाने अमला मौके पर नहीं पहुंचा। इसके पहले जब इस्टेट डिफेंस ऑफिसर कार्यालय से यहां के 120 परिवारों के करीब 500 लोगों के पास 10 दिसंबर तक अपने-अपने आशियाने हटाने का नोटिस पहुंचा था तो सारे परिवार काफी बेचैन थे। फिलहाल ये बैचेनी अभी थम गई है।
विदित हो कि कैंट के राजीव गांधी नगर कटंगा बस्ती के 120 परिवारों की बेदखली पर विराम के लिए कैंट विधायक अशोक रोहाणी भी प्रयासरत थे। कयास लगाए जा रहे हैं कि विधायक के हस्तक्षेप के बाद फिलहाल अभी तो अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई पर विराम लगा है। लेकिन ये विराम कब तक रहेगा ये अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। वहीं स्टेशन कमांडर दिनेश झांगू भी कार्रवाई के संबंध में फिलहाल अभी कुछ स्पष्ट नहीं कह रहे हैं।
50 सालों से रहे रहे हैं लोग
गौरतलब है सेना की जमीन पर राजीव गांधी नगर में कुछ परिवार विगत 20 सालों से , कुछ परिवार 25 सालों से और कुछ परिवार विगत 50 सालों से अपने आशियाने बनाकर रह रहे हैं। ऐसे में जानकारों का कहना है कि सैन्य प्रशासन व कैंट बोर्ड प्रशासन द्वारा इतनी आसानी से इन 120 परिवारों को बेदखल नहीं किया जाएगा।
इस प्रस्ताव के कारण संभवत: रूकी कार्रवाई
जानकारी के अनुसार गत दिवस विधायक अशोक रोहाणी के कार्यकर्ता द्वारा स्टेशन कमांडर दिनेश झांगू के सामने प्रस्ताव रखकर बताया गया था कि प्रदेश सरकार की 350 एकड़ भूमि सेना के पास है, इस भूमि की अदला बदली का प्रकरण भी विचाराधीन है। इसलिए इस जमीन का जब तक कोई निर्णय नहीं हो जाता तब तक के लिए विस्थापन की कार्रवाई को रोका जाए। उधर इस्टेट डिफेंस ऑफिसर कार्यालय की ओर से स्पष्ट कर दिया गया है कि राजीव गांधी नगर के 120 परिवारों के करीब 500 लोग सेना की जमीन पर घर बनाकर रहे हैं जिन्हें ये निर्माण हटाना होंगे।
