
(आदित्य सिंह) सीधी। प्रदेश सहित विन्ध्य में सड़कों पर गौवंश पर अंकुश लगाना शासन-प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती साबित हो रहा है। आवारा मवेशियों के सड़कों में बैठने से सीधी- रीवा, सीधी-सिंगरौली राष्ट्रीय राजमार्ग -39 में सड़क हादसे बढ़ रहे हैं। इन हादसों के शिकार वाहन चालकों के साथ-साथ गौवंश के होने से जहां सरकार और मुख्यमंत्री द्वारा गौ रक्षा के सभी दावे खोखले साबित हो रहे हैं। वहीं यह गंभीर समस्या सड़क लेकर सदन तक पहुंच गई है।
यहां बताते चलें कि सड़कों पर निर्वाध रूप से स्वच्छंद विचरण करने वाले गौवंश को लेकर सरकार और कलेक्टर का जारी आदेश फिलहाल बेअसर नजर आ रहा है।
लिहाजा सड़कों पर आश्रय लेने वाले गौवंश यातायात को जहां बाधित कर रहे हैं वहीं रात सड़क हादसों के चलते निरीह गौवंश भी गंभीर रूप से घायल हो रहे हैं।राष्ट्रीय राजमार्ग – 39 सीधी-रीवा एवं सीधी-सिंगरौली एवं जिले के अन्य व्यस्त मार्गों में बहुतायत में गौवंश विचरण करते हुये दिखाई दे रहे हैं। आवारा मवेशी के चलते आये दिन जनहानि एवं पशु हानि होने के साथ ही ऐसे गोवंश कृषकों की फसल भी नष्ट कर रहे हैं।
जिला प्रशासन ने इस संबंध में आये दिन शिकायतें मिलने पर तत्कालीन कलेक्टर सीधी मुजीबुर्रहमान खान ने आदेश जारी करते हुये आवारा मवेशी के मिलने पर पशुपालकों की पहचान कर उनके विरूद्ध कार्यवाई करने के आदेश जारी किये थे। लेकिन जिले में पर्याप्त गौशाला नही होने एवं व्यवस्था के अभाव में आदेश का पालन कराना प्रशासन के लिए आज भी बड़ी चुनौती साबित हो रहा है।
मुख्यमंत्री गौसेवा योजना भी रही विफल:
मुख्यमंत्री गौसेवा योजना अंतर्गत संचालित
गौशालाओं में पूर्व में रखे हुये गौवंश को गौशाला में व्यवस्थित रखने तथा गौशाला से बाहर न छोड़ने तथा गौशाला वाले ग्राम व उसके आसपास के ग्रामों के गौवंश, नगर पालिका/नगर पंचायत से भेजे गये गौवंश को भी अनिवार्य रूप से क्षमतानुसार गौशालाओं में रखने के निर्देश हैं। गौशाला के संचालन का दायित्व संबंधित पंचायत /संस्था से लेकर किसी स्वयंसेवी संस्थाओं को या महिला स्वसहायता समूहों को देने आदेश भी दिये गये थे। लेकिन जिले में गौशालाओं की कमी के कारण कलेक्टर के जारी उक्त आदेश के बाद भी उसका पालन नही हो पा रहा है। लिहाजा गौवंश आज भी आवारा विचरण करने के लिये मजबूर हैं।
जिला मुख्यालय की सड़कें भी इस समस्या से प्रभावित
जिला मुख्यालय सीधी में ऐसा कोई भी मार्ग नहीं है जहां गौवंशों का जमावड़ा ना हो। कुंवर अर्जुन तोरण द्वार जमोड़ी, एसआईटी चौक एवं कुंवर अर्जुन तोरण द्वार जोगीपुर के समीप सैकड़ों की संख्या में रात में गौवंशों का जमावड़ा रहता था। यहां के लोगों ने बताया कि इन स्थानों में प्रात-से लेकर देर रात्रि तक काफी संख्या में वाहनों की आवाजाही रहती है। यहां पशुओं का झुंड बीच सड़क मार्ग में बैठकर आवागमन को भी बाधित करते हैं। इन इलाकों में बड़े वाहनों की चपेट में आने से कई पशु गंभीर रूप से घायल भी हो चुके हैं। अर्जुन तोरण द्वार से मुख्य चौराहे सम्राट चौक, अस्पताल तिराहा के चारो तरफ के मार्गों का जुड़ाव होने के कारण यहां काफी संख्या में आवागमन होता है। रात दिन यहां से छोटे एवं बड़े वाहन गुजरते हैं। उक्त व्यस्ततम मार्ग में भी पशुओं का झुंड रात में बैठा रहता है। कई बार स्थिति यह हो जाती है कि वाहन निकालने के लिये चालकों को नीचे उतरकर पशुओं को उठाने के लिये कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। आवारा मवेशी से व्यवसायी वर्ग भी काफी परेशान है।
सीएम के गौवंश सुरक्षा भाषण पर पूर्व मंत्री ने कसा तंज
मध्यप्रदेश सरकार के पूर्व पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री कमलेश्वर पटेल ने सोशल मीडिया के माध्यम से राष्ट्रीय राजमार्ग में सड़क में विचरण कर रहे गौवंश के सामने खड़े होकर सरकार द्वारा मध्यप्रदेश में गौवंश की सुरक्षा के दावा करने वाले प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के भाषण के विडियो पर तंज कसते हुए कथनी और करनी में फर्क बताकर गौवंश सुरक्षा में सरकार की विफलता को उजागर करने वाला विडियो जारी किया गया।
सीधी सांसद ने सदन में प्रमुखता से रखी गौवंश की समस्या
लोकसभा संसदीय क्षेत्र सीधी के सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने गत दिनों लोकसभा में शून्यकाल के दौरान बेसहारा गोवंश को संरक्षण और संवर्धन करने हेतु प्रत्येक जिले में 500 एकड़ भूमि आवंटित कर, वृहद गौशाला निर्मित कराकर उन्हें वहां सुरक्षित करने तथा वहां के सेवाकर्मियों को गौपालन से संबंधित रोजगार उपलब्ध कराने की मांग रखी। लोकसभा सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने कहा कि लोकसभा संसदीय क्षेत्र सीधी, सिंगरौली,
ब्यौहारी (शहडोल) के साथ-साथ विंध्य के विभिन्न जिलों में बेसहारा गौवंश की समस्या बनी हुई है। आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं। इस समस्या से निजात पाने के लिए प्रत्येक जिले में भव्य और अत्याधुनिक गौशालाओं का निर्माण किया जाए।
