ब्रसेल्स, 19 अप्रैल (वार्ता) स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने यूरोपीय संघ से इजरायल के साथ सहयोग समझौता समाप्त करने का आग्रह किया है।
श्री सांचेज़ ने रविवार को अंदलूसिया में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, “जो सरकार अंतरराष्ट्रीय कानून या यूरोपीय संघ के सिद्धांतों का उल्लंघन करती है, वह हमारी साझेदार नहीं हो सकती है।” स्पेन मंगलवार को लक्ज़मबर्ग में होने वाली यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों की बैठक में इस समझौते को समाप्त करने का औपचारिक प्रस्ताव रखेगा।
श्री सांचेज़ यूरोपीय संघ में इजरायल के सबसे मुखर आलोचकों में से एक बनकर उभरे हैं। उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर गाज़ा में “नरसंहार” करने का आरोप लगाया और अमेरिका-इजरायल द्वारा ईरान पर किये गये संयुक्त हमलों को “गंभीर भूल” बताया।
आलोचकों का कहना है कि लेबनान में इजरायल के लगातार हमले व्यापक क्षेत्रीय शांति प्रक्रिया को कमजोर कर रहे हैं। श्री सांचेज़ ने अपने संबोधन में पश्चिम एशिया में जारी युद्ध को तत्काल समाप्त करने की मांग की, जिसके कारण वैश्विक तेल कीमतों में वृद्धि और बड़े पैमाने पर विस्थापन हुआ है।
स्पेन, आयरलैंड और स्लोवेनिया के विदेश मंत्रियों ने शनिवार को यूरोपीय संघ की शीर्ष राजनयिक काजा कैलास को लिखे पत्र में आरोप लगाया कि इजरायल ने सहयोग समझौते का उल्लंघन किया है। उन्होंने कहा कि इजरायली संसद द्वारा मृत्युदंड की स्वीकृति मानवाधिकारों का उल्लंघन हैं। इस समझौते को समाप्त करने का प्रस्ताव तुरंत सफल होने की संभावना कम है, क्योंकि इसके लिए यूरोपीय संघ के सभी 27 सदस्य देशों की सर्वसम्मति आवश्यक होगी।
जर्मनी के नेतृत्व वाले कुछ देशों के इस प्रस्ताव का विरोध करने की संभावना है, जो पहले भी कड़े कदमों के खिलाफ मतदान करते रहे हैं। सितंबर में यूरोपीय आयोग द्वारा कुछ इजरायली मंत्रियों पर प्रतिबंध लगाने और समझौते के व्यापारिक प्रावधानों को निलंबित करने का प्रस्ताव भी यूरोपीय परिषद में बहुमत हासिल नहीं कर सका था। यूरोपीय संघ में इजरायल के दूतावास की ओर से इस पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई।
