
मंडला। जनपद पंचायत नारायणगंज के ग्राम पंचायत कुंडा और पाड़ीवारा स्थित उप-स्वास्थ्य केंद्रों में पिछले दो महीने से ताले लटके हुए हैं। नर्सों के तबादले के बाद से अब तक नए स्टाफ की नियुक्ति नहीं की गई, जिससे इलाज के लिए आने वाले मरीज दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायतों ने इस समस्या को लेकर ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित कर लिखित शिकायत स्वास्थ्य अधिकारी नारायणगंज को भेजी, लेकिन अब तक कोई कार्यवाही नहीं की गई। इस बीच क्षेत्र में सर्दी, जुकाम और वायरल फीवर का प्रकोप बढ़ गया है। स्वास्थ्य केंद्र बंद होने के कारण ग्रामीणों को मजबूरन झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज कराना पड़ रहा है, जहां मनमानी फीस वसूली जा रही है। इससे आर्थिक बोझ भी ग्रामीण परिवारों पर बढ़ा है।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर बनाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन हकीकत इसके विपरीत है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नारायणगंज की दूरी लगभग 30 से 35 किलोमीटर है और खराब सड़कों के कारण वहां तक पहुंचना बेहद कठिन है। ऐसे हालात में उप-स्वास्थ्य केंद्रों का बंद रहना गंभीर समस्या बन गया है।
ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि कुंडा व पाड़ीवारा उप-स्वास्थ्य केंद्रों में तुरंत नर्सों की पदस्थापना की जाए, ताकि इलाज के अभाव में परेशान हो रही जनता को राहत मिल सके।
