नयी दिल्ली | अफगानिस्तान के खिलाफ भारतीय टीम की घोषणा के बाद एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। रणजी ट्रॉफी 2025-26 सीजन में सर्वाधिक विकेट लेने वाले जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी को टीम में जगह न मिलने पर पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। इरफान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर चयनकर्ताओं को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि घरेलू क्रिकेट के शानदार प्रदर्शन को हतोत्साहित नहीं किया जाना चाहिए। फैंस और क्रिकेट विशेषज्ञों के बीच भी इस चयन को लेकर काफी निराशा देखी जा रही है।
आकिब नबी ने इस रणजी सीजन में शानदार गेंदबाजी का प्रदर्शन करते हुए मात्र 10 मैचों में 60 विकेट चटकाए हैं। उनकी इकोनॉमी रेट भी बेहद प्रभावशाली रही है। कर्नाटक के खिलाफ फाइनल मुकाबले में 5 विकेट लेकर टीम को पहला रणजी खिताब जिताने वाले आकिब नबी को ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ का खिताब भी मिला था। विशेषज्ञों का मानना था कि जसप्रीत बुमराह को आराम दिए जाने के बाद खाली हुई जगह के लिए आकिब नबी सबसे उपयुक्त विकल्प थे, लेकिन चयनकर्ताओं ने उन्हें अनदेखा कर दिया।
दूसरी ओर, चयनकर्ताओं ने पंजाब के गुरनूर ब्रार को टेस्ट और वनडे सीरीज दोनों में शामिल किया है, जबकि उन्होंने जनवरी के बाद से कोई भी मैच नहीं खेला है। गुरनूर को सीधे टीम में शामिल किए जाने और आकिब नबी जैसे निरंतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी को बाहर रखने के फैसले ने चयन प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इरफान पठान का यह सार्वजनिक विरोध इस बात की ओर इशारा करता है कि घरेलू क्रिकेट में मेहनत करने वाले खिलाड़ियों को नजरअंदाज करना भविष्य में भारतीय क्रिकेट के लिए चिंता का विषय बन सकता है।

