
बैतूल। बैतूल जिले के मुलताई में एक अजीब मामला सामने आया है। महाराष्ट्र आयकर विभाग ने मुलताई के अंबेडकर वार्ड के निवासी चंद्रशेखर पंडितराव कोहाड को 300 करोड़ रुपए से अधिक की वसूली का नोटिस जारी किया है। नोटिस के बाद वह शख्स चर्चा में तो आ गया, लेकिन उसकी जिंदगी बदल गई। पत्नी की तबीयत बिगड़ गई। खुद भी मानसिक रूप से परेशान है। इनकम टैक्स विभाग के चक्कर काटने में पैसा और समय बर्बाद हो रहा है। अधिकारियों को भी जवाब देते-देते थक गया। मानसिक दबाव के चलते परिवार भी चिंता में है।
चंद्रशेखर कहते हैं कि 4 साल पहले नागपुर में पेटी ठेकेदारी और दूध का काम करता था। रोजाना करीब 200 से 300 रुपए बचत होती थी। इसलिए बचत के इरादे से वहां श्रीनाथ मंगलम नाम की बैंक में खाता खुलवा लिया। बैंक का एजेंट रोजाना आकर पैसे ले जाता था। फॉर्म भरवाते समय मोबाइल नंबर भी दिया था, लेकिन मोबाइल नंबर को खाते से लिंक ही नहीं किया, इसलिए मेरे पास मैसेज नहीं आए। पासबुक भी वह खुद अपने पास रखता था। वह सिर्फ डायरी में सिग्नेचर करवा लेता था। इसलिए मेरे और साथियों के साथ बैंक मैनेजर ने ही धोखेबाजी की है। इनकम टैक्स वाले कहते हैं कि अकाउंट से अरबों रुपए का लेनदेन हुआ है। उसी का टैक्स उन्होंने 314 करोड़ रुपए निकाला है। पिछले साल दिसंबर में नोटिस मिला था। दूसरी बार अब मिला है। मेरे खाते से 3 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का लेनदेन हुआ है।
बाकी साथियों को भी ऐसा ही नोटिस मिला था। नोटिस देखकर मेरी तो हालत खराब हो गई थी। तीन दिन तक लोगों के पास लेकर घूमता रहा कि आखिर ये है क्या और मुझे कहीं गलती से तो किसी और का कागज नहीं दे दिया गया। जब पता चला कि मेरे साथ के 16 लोगों को भी नोटिस मिला है, तो सब लोग एक साथ नागपुर में इनकम टैक्स के ऑफिस गए थे। वहां आवेदन दिया था। उस पर अपना मुलताई का पता भी लिखा था, इसलिए इस बार नोटिस पर पता तो नागपुर का लिखा है, लेकिन उन्होंने इसे भेज मुलताई की नगर पालिका दिया।
अब नगर पालिका वाले मुलताई में मेरी संपत्ति तलाश रहे हैं। मेरे पास है ही क्या। ये आप जो मकान देख रहे हैं न, किराए का है। दो हजार रुपए महीने के किराए पर लिया है। शहर से बहुत दूर है, इसलिए सस्ता मिल गया। रोज कमाकर खाने वाला हूं, मेरे पास संपत्ती कहां से आई। काम की तलाश में नागपुर छोड़ दिया। लेकिन, ये नोटिस मेरा पीछा नहीं छोड़ रहा। यहां भी आ गया। अगर इतनी बड़ी रकम से मेरा कुछ लेना-देना होता, तो क्या मैं आपको फोन करता। बताइए न साबज् आप तो पढ़े-लिखे हैं। पत्नी बीमार है, उसे थोड़ा आराम मिल जाए, बस इसका इतंजार कर रहा हूं। एक-दो दिन बाद फिर नागपुर जाकर इनकम टैक्स के अफसरों को सारी बात बताऊंगा। मुझे नहीं पता मेरे खाते में इतना पैसा कहां से आया और किसने निकाल लिया। मानसिक तौर पर बहुत थक चुका हूं। दिन-रात ये चिंता खाए जा रही है कि यह मामला कैसे निपटेगा।
चंद्रशेखर कहते हैं कि पहले जब नोटिस मिला था तो इतना हो-हल्ला नहीं हुआ था। लेकिन, इस बार तो नोटिस की बात मीडिया में आ गया। उनके रिश्तेदारों को भी पता चल गया।
मैंने कोई गलत काम थोड़े ही किया है। मेरे नाते-रिश्तेदारों को मेरे ऊपर भरोसा है। मेरा पूरा खानदान मेरे साथ है। सब हिम्मत दे रहे हैं, दमदारी से इस मामले यानी बुरे वक्त से डटकर मुकाबला करो।
आयकर विभाग का नोटिस मिलने के बाद मुलताई नगर पालिका के अधिकारी हरकत में आए। उन्होंने आयकर विभाग द्वारा बताए गए अंबेडकर वार्ड निवासी चंद्रशेखर पंडितराव कोहाड को तलाश किया। आयकर विभाग ने नगर पालिका से कोहाड की अचल संपत्तियों की जानकारी मांगी थी। नगर पालिका सीएमओ जीआर देशमुख ने बताया कि जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। उनके नाम से न तो संपत्ति कर मांग पंजी में कोई एंट्री मिली और न ही नामांतरण शाखा में कोई रिकॉर्ड मिला। नगर पालिका ने आयकर विभाग को स्पष्ट कर दिया है कि चंद्रशेखर पंडितराव कोहाड के नाम पर उनके यहां संपत्ति दर्ज नहीं है। जीआर देशमुख ने बताया कि इस नाम के व्यक्ति का नगर पालिका में रिकॉर्ड नहीं है। वहीं, मतदाता सूची में भी इस नाम का व्यक्ति नहीं है।
