कार्यवाही का प्रतिवेदन दो सप्ताह में दें कलेक्टर : आयोग

जबलपुर: शहर में स्कूली बच्चों को लाने-ले-जाने वाले ऑटो और निजी वाहनों में क्षमता से कई गुना अधिक बच्चों को बैठाकर परिवहन किये जाने का मामला सामने आया है। पासिंग सीट 3-4 के बजाय कमाई के चक्कर मे बच्चों की जान से खिलवाड़ कर 15-18 बच्चों को ठूस -ठूस कर बैठाया जाता है 7 कई ऑटो और निजी वाहन तो बगैर नम्बर प्लेटो के भी चल रहे, इन पर कार्रवाही की बजाय पुलिस और आरटीओ मौन धारण किये बैठे हुये है, जबकि जनहित का यह महत्वपूर्ण विषय है, इस कारण बच्चों की जान को खतरा बना हुआ है।

मप्र मानव अधिकार आयोग के क्षेत्रिय कार्यालय प्रभारी फरजाना मिर्जा ने बताया की मामले को जनहित में संज्ञान लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकार की मुख्य पीठ भोपाल में प्रकरण पर सुनवाई करते हुये आयोग के अध्यक्ष डॉ. अवधेश प्रताप सिंह की एकलपीठ प्रथम दृष्टया मानव अधिकारों के हनन का मामला मानकर, जबलपुर के कलेक्टर से मामले की जांच कराकर, की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन दो सप्ताह में मांगा है।

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