भोपाल: राजधानी के जेपी अस्पताल में महिलाओं के लिए नया ब्लॉक बन रहा है, जिसमे 242 बेड की व्यवस्था की गई है. इस नए बन रहे वार्ड में खासतौर पर महिलाओं और गंभीर मरीज़ों का इलाज आधुनिक मशीनों से होने वाला है, नई बन रही ईमारत 5 मंजिल की होगी जिसमे 4 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, ब्लड बैंक, पैथोलॉजी लैब, ट्रांजिट कमरा और प्री-पोस्ट ऑपरेशन यूनिट बन रही है।सिविल सर्जन डॉ. राकेश श्रीवास्तव ने बताया कि नया ब्लॉक शुरू होने से जेपी अस्पताल अल्ट्रा मॉडर्न ट्रीटमेंट सेंटर बन जाएगा। महिला मरीजों के लिए पहली बार 125 बेड का अलग सर्जिकल वार्ड तैयार किया जा रहा है। वही पुरुषों के लिए 49 बेड होंगे और जो पुरुष-महिला का ऑब्जरवेशन वार्ड है उसमे 10-10 वार्ड होंगे
इमरजेंसी ट्राइएज यूनिट में 10 बेड होंगे। ट्रांजिट कमरा 26 बेड का होगा। इससे मरीजों को एक वार्ड से दूसरे वार्ड में शिफ्ट करना आसान होगा। ऑपरेशन से पहले और बाद की देखरेख के लिए प्री और पोस्ट ऑपरेशन यूनिट एक ही जगह होगी। ब्लड बैंक और पैथोलॉजी लैब में ऑनस्पॉट जांच की सुविधा मिलेगी। मेडिकल स्टाफ की ट्रेनिंग और कॉन्फ्रेंस के लिए एक मीटिंग हॉल भी बनाया जा रहा है। इस इमारत के निर्माण में कुल 26 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसमें से 19 करोड़ रुपए राज्य सरकार देगी। 7 करोड़ रुपए केंद्र सरकार से मिलेंगे। यह ब्लॉक जुलाई 2025 में शुरू किया जाएगा।
इस ब्लॉक से अस्पताल की क्षमता और सेवाएं दोनों बढ़ेंगी। मरीजों को इलाज के लिए अलग-अलग जगह नहीं जाना पड़ेगा। ऑपरेशन से लेकर रिकवरी तक की सभी सुविधाएं एक ही इमारत में मिलेंगी। ट्राइएज और ट्रांजिट कमरा जैसी नई अवधारणाएं आम मरीजों के लिए भी उपलब्ध होंगी। यह विस्तार जेपी अस्पताल को राजधानी का प्रमुख हेल्थ सेंटर बनाएगा।
डॉ राकेश श्रीवास्तव, सिविल सर्जन ,जेपी अस्पताल भोपाल
