इंदौर: लोक अभियोजन संचालनालय मध्यप्रदेश के तत्वावधान में इंदौर संभाग के अभियोजन अधिकारियों की व्यावसायिक दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से एक दिवसीय संभागीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. शनिवार को आयोजित कार्यशाला में न्यायिक व विधिक विशेषज्ञों ने पॉक्सो अधिनियम, आपराधिक न्याय प्रणाली तथा साक्ष्यों के महत्व पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया.
कार्यशाला का आयोजन प्रातः 9 बजे से शाम 4 बजे तक प्रभारी उपनिदेशक अभियोजन इंदौर राजेंद्र सिंह भदौरिया के नेतृत्व में किया.
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति वी.एस. कोकजे ने किया, जबकि एमजीएम मेडिकल कॉलेज इंदौर की प्रोफेसर डॉ. सुमित्रा यादव विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं. अतिथियों ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की. सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी अभिषेक जैन ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य अभियोजन अधिकारियों की पेशेवर दक्षता को बढ़ाना है, जिसके तहत पॉक्सो अधिनियम-2012 से जुड़े मामलों की प्रभावी पैरवी और साक्ष्य प्रस्तुतिकरण पर चर्चा की गई.कार्यशाला में महू के जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश भरत कुमार व्यास ने पॉक्सो अधिनियम तथा इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के संग्रहण और प्रस्तुतीकरण पर विस्तार से जानकारी दी.
उन्होंने कहा कि पॉक्सो मामलों में पीड़ित की उम्र का प्रमाण अत्यंत महत्वपूर्ण होता है और इसके लिए किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए जाने चाहिए. कार्यक्रम की शुरुआत अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित महिला सम्मेलन से हुई, जिसकी अध्यक्षता मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की विधि अधिकारी अनीता शुक्ला ने की.
इस अवसर पर औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा संचालनालय की संचालक नमिता तिवारी ने बाल मजदूरी और बंधुआ मजदूरी उन्मूलन के लिए समाज के सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया. वहीं, सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता कीर्ति पटवर्धन ने भी अपने विचार व्यक्त किए. कार्यक्रम में एडीपीओ वर्षा पाठक द्वारा ईश्वर स्तुति प्रस्तुत की गई तथा राष्ट्रीय स्तर की कवयित्री शिवांगी प्रेरणा ने महिला सम्मान पर काव्य पाठ किया. समापन सत्र में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए. संचालन ज्योति आर्य और गोकुलसिंह सिसोदिया ने किया, जबकि आभार सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी सुशीला राठौर ने माना.
न्याय प्रक्रिया में कोर्ट के साथ अभियोजन और पुलिस की भी महत्वपूर्ण भूमिका
मुख्य वक्ता न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) वीएस कोकजे ने आपराधिक न्याय प्रणाली में अभियोजन की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अभियोजन अधिकारियों को न्यायालय में शासन का पक्ष मजबूती से रखना चाहिए. उन्होंने कहा कि न्याय प्रदान करने की प्रक्रिया में न्यायालय के साथ-साथ अभियोजन और पुलिस की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है. वहीं एमजीएम मेडिकल कॉलेज की प्रोफेसर डॉ. सुमित्रा यादव ने पॉक्सो मामलों में मेडिकल साक्ष्यों के महत्व पर जानकारी देते हुए बताया कि पीड़ितों की समय पर काउंसलिंग और मेडिकल परीक्षण बेहद जरूरी है, जिससे घटनाओं के वास्तविक तथ्य सामने आ सकें.
