सिडनी, 12 मार्च (वार्ता) इंग्लैंड में आयोजित होने वाले पेशेवर क्रिकेट टूर्नामेंट विमेंस हंड्रेड में भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष मैनचेस्टर सुपर जायंट्स और ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा सनराइजर्स लीड्स के लिये खेलेंगी।
विमेंस हंड्रेड की पहली नीलामी में न्यूजीलैंड की सोफी डिवाइन और ऑस्ट्रेलिया की बेथ मूनी सबसे महंगी खिलाड़ी रहीं। दोनों को लगभग 2.3 करोड़ रुपये मिले। डिवाइन को वेल्श फायर ने अपने साथ जोड़ा, जबकि मूनी के लिए ट्रेंट रॉकेट्स ने सबसे बड़ी बोली लगाई। भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष को मैनचेस्टर सुपर जायंट्स ने करीब 54 लाख रुपये में खरीदा। तथा ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा को सनराइजर्स लीड्स ने उनके बेस प्राइस, लगभग 34 लाख रुपये में अपनी टीम में शामिल किया।
नीलामी में भारतीय खिलाड़ियों की मौजूदगी सीमित रही, लेकिन कुछ नामों के लिए दिलचस्पी जरूर दिखाई दी। ऋचा घोष को मैनचेस्टर सुपर जायंट्स ने अपने साथ जोड़कर मिडिल ऑर्डर को मजबूत करने की कोशिश की है। दूसरी ओर दीप्ति शर्मा सनराइजर्स लीड्स के लिए अहम ऑलराउंड विकल्प बन सकती हैं। उनकी स्पिन गेंदबाजी और निचले क्रम की बल्लेबाजी टीम को संतुलन देती है। हालांकि नीलामी के दौरान कुछ भारतीय खिलाड़ियों के लिए किसी भी फ्रैंचाइजी ने बोली नहीं लगाई। इनमें स्पिन गेंदबाज एन श्री चरणी और विकेटकीपर बल्लेबाज यास्तिका भाटिया शामिल रहीं, जो इस बार अनसोल्ड रहीं।
नीलामी शुरू होने से पहले ही कई भारतीय खिलाड़ियों को प्री ऑक्शन साइनिंग और रिटेंशन के जरिये टीमों ने अपने साथ जोड़ लिया था। भारतीय कप्तान स्मृति मांधना मैनचेस्टर सुपर जायंट्स की ओर से खेलेंगी। जेमिमाह रोड्रिग्स को सदर्न ब्रेव ने प्री ऑक्शन साइनिंग के तौर पर अपनी टीम में शामिल किया है।
इस साल टूर्नामेंट के रिक्रूटमेंट मॉडल में बड़ा बदलाव किया गया है। शुरुआत से चले आ रहे ड्राफ्ट प्रणाली की जगह पहली बार नीलामी आयोजित की गई। पहले के सीजन में टीमें खिलाड़ियों को ड्राफ्ट के जरिये चुनती थीं, लेकिन इस बार फ्रैंचाइजियों को आईपीएल की तरह खुलकर बोली लगाने का अवसर मिला। बदलाव को टूर्नामेंट की आठों फ्रैंचाइजियों में आए नए निवेशकों के बाद लागू किया गया है। पिछले साल ईसीबी ने सभी आठ टीमों में अपनी 49 प्रतिशत हिस्सेदारी बाहरी निवेशकों को बेच दी थी। इसके बाद संबंधित मेजबान काउंटियों और नए निवेशकों ने टीमों में अपनी हिस्सेदारी के साथ नई संरचना तैयार की।
इन नए निवेशकों में कई आईपीएल फ्रैंचाइजियों के मालिक भी शामिल हैं जिन्होंने विमेंस हंड्रेड की टीमों में हिस्सेदारी खरीदी है। मुंबई इंडियंस के मालिकों ने एमआई लंदन के जरिये इस लीग में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। नए मालिकाना ढांचे और निवेश के साथ टूर्नामेंट को और व्यावसायिक बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए गए हैं। खिलाड़ियों की सैलरी कैप में भी बढ़ोतरी की गई है। इससे खिलाड़ियों के लिए कमाई के मौके पहले से ज्यादा हो गए हैं और लीग की प्रतिस्पर्धा भी बढ़ने की उम्मीद है।
