हैदराबाद, 12 मार्च (वार्ता) एफआईएच हॉकी महिला विश्वकप 2026 के लिए क्वालिफाई कर चुकी भारतीय टीम घरेलू दर्शकों के सामने इटली के खिलाफ शुक्रवार को सेमीफाइनल में जीत दर्ज कर टूर्नामेंट के खिताब की ओर कदम बढ़ाने उतरेगी।
भारतीय टीम पूल बी में तीन मैचों में सात पॉइंट्स और स्कॉटलैंड पर बेहतर गोल डिफरेंस के साथ शीर्ष पर है। मेजबान टीम ने पूल स्टेज में दो जीत और एक ड्रॉ दर्ज किया। भारत ने अपने अभियान की शुरुआत उरुग्वे के खिलाफ 4-0 की जबरदस्त जीत के साथ की। अपने दूसरे मैच में, उन्होंने स्कॉटलैंड के खिलाफ 2-2 से करीबी मुकाबला ड्रॉ खेला और फिर वेल्स पर 4-1 की आसान जीत के साथ ग्रुप स्टेज खत्म किया।
पूल स्टेज में शानदार प्रदर्शन के साथ, भारत ने टूर्नामेंट के नियम के तहत एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के लिए अपना क्वालिफिकेशन पक्का कर लिया, जिसके तहत दो क्वालिफाइंग इवेंट्स में चौथे नंबर पर रहने वाली दुनिया की सबसे ऊंची रैंक वाली टीम को वर्ल्ड कप में जगह मिलती है।
क्वालिफायर्स का सैंटियागो लेग पहले खत्म हो गया था, जहां चिली, ऑस्ट्रेलिया और आयरलैंड ने तीन डायरेक्ट क्वालिफिकेशन स्पॉट हासिल किए थे। जापान सैंटियागो में चौथे नंबर पर रहा और अभी दुनिया में 15वें नंबर पर है। दुनिया भर नौवें नंबर की टीम मेजबान भारत ने कम से कम यह पक्का कर लिया है कि वे दोनों टूर्नामेंट्स में सबसे ऊंची रैंक वाली चौथी टीम के तौर पर खत्म करेंगे, जिससे विश्व कप के लिए उनका टिकट पक्का हो गया है। अब उसका मकसद अपनी लय बनाए रखते हुए फाइनल में जगह बनाने पर होगा। फाइनल में भारत का मुकाबला इटली से होगा। इटली पूल ए में चार अंक के साथ दूसरे नंबर पर रहा है, जिसने एक जीत, एक ड्रॉ और एक हार दर्ज की है, जिससे मेजबान टीम को सेमीफाइनल से पहले थोड़ी साइकोलॉजिकल बढ़त मिली है।
भारत की फॉरवर्ड नवनीत कौर के शानदार फॉर्म को भी आगे बढ़ाना चाहेगा, जो अभी चार गोल के साथ टूर्नामेंट की संयुक्त शीर्ष स्कोरर हैं। उन्होंने वेल्स के खिलाफ आखिरी पूल मैच में हैट्रिक बनाकर शानदार प्रदर्शन किया था।
वहीं इटली की बात की जाये तो वह फेडेरिका कार्टा पर निर्भर रहेगा, जो उनकी मुख्य अटैकिंग खिलाड़ी रही हैं और उन्होंने अब तक इस कॉम्पिटिशन में तीन गोल किए हैं। हेड-टू-हेड मुकाबलों की बात करें तो, भारत और इटली 2012 से सात बार एक-दूसरे से भिड़ चुके हैं। भारत ने उनमें से पांच मैच जीते हैं, जबकि इटली ने एक जीत दर्ज की है और एक गेम ड्रॉ रहा है, जिससे मेजबान टीम को सेमीफाइनल से पहले थोड़ी साइकोलॉजिकल बढ़त मिली है।
सेमीफाइनल से पहले, भारतीय टीम के मुख्य कोच शोर्ड मारिन ने कहा, “एफआईएच हॉकी विमेंस वर्ल्ड कप 2026 के लिए क्वालिपुाई करना इस ग्रुप के लिए एक जरूरी माइलस्टोन है, और प्लेयर्स ने टूर्नामेंट में अब तक जिस तरह का प्रदर्शन किया है, उसके लिए वे बहुत क्रेडिट की हकदार हैं। उन्होंने पूरे पूल स्टेज में अच्छा डिसिप्लिन, कॉन्पोजर और अटैकिंग इंटेंट दिखाया है। इटली एक कॉम्पिटिटिव टीम है और उन्होंने इस टूर्नामेंट में दिखाया है कि वे मजबूत टीमों को परेशान कर सकते हैं। हमारे लिए, फोकस अपने प्लान को अच्छी तरह से एग्जिक्यूट करने, अपने स्ट्रक्चर को बनाए रखने और उसी ऊर्जा और विश्वास के साथ खेलते रहने पर होगा।”
