भोपाल: नगर निगम की राजस्व शाखा में लीज भूखंडों की रजिस्ट्री को लेकर आवेदकों को लंबे समय तक चक्कर काटने पड़ रहे हैं. ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति अपने दिवंगत भाई के भूखंड की रजिस्ट्री के लिए एक वर्ष से निगम कार्यालय के चक्कर लगा रहा है, लेकिन अब तक प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है.
अभी छोला क्षेत्र के एक लीज भूखंड की रजिस्ट्री को लेकर मामला सामने आया है.
जानकारी के अनुसार, बटनलाल इनानिया अपने दिवंगत बड़े भाई श्यामलाल के नाम आवंटित लीज भूखंड की रजिस्ट्री कराने के लिए पिछले एक वर्ष से नगर निगम की राजस्व शाखा के चक्कर लगा रहे हैं. उन्होंने रजिस्ट्री से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेज निगम कार्यालय में जमा कर दिए हैं, बावजूद इसके फाइल एक टेबल से दूसरी टेबल तक घूम रही है. आवेदक का कहना है कि अब तक किसी अधिकारी ने यह स्पष्ट नहीं किया कि रजिस्ट्री कब तक पूरी होगी.
बताया गया कि श्यामलाल के नाम किसी प्रकार की बकाया राशि भी नहीं है. यदि कोई देयक निकलता है तो परिवार उसे जमा करने को तैयार है. चूंकि भूखंड नगर निगम से लीज पर आवंटित हुआ था, इसलिए रजिस्ट्री की प्रक्रिया निगम की अनुमति और राजस्व अधिकारी की स्वीकृति से ही पूरी हो सकती है.
सूत्रों के अनुसार, ऐसे कई मामले राजस्व शाखा में लंबित हैं। आरोप है कि कुछ अधिकारी फाइलों को लंबे समय तक दबाकर रखते हैं, जिससे आवेदकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
उल्लेखनीय है कि नगर निगम ने छोला स्थित कोल एंड टिंबर मार्केट के पास भूखंड क्रमांक 017 का आवंटन 7 जून 1989 को 30 वर्ष की लीज शर्तों के तहत किया था. इसके एवज में वार्षिक किश्त और भू-भाटक की राशि भी निगम में नियमित रूप से जमा कराई जाती रही है.
इनका कहना है
यह भूखण्ड मेरे बड़े भाई का है उनकी मृत्यु पहले हो गई थी. वह नगर निगम के कर्मचारी थे उनके वेतन से पैसे जमा होते रहे हैं . मैं रजिस्ट्री के लिए एक वर्ष से चक्कर लगा रहा हूं.पता नहीं कब तक रजिस्ट्री हो पाएगी.
बटनलाल, भूखंड मालिक के भाई, नगर निगम कालोनी छोला
मुझे जानकारी मिली है. यह कार्य 17 नंबर जोन से होगा, आप मुझे संबंधित कागज भेज दीजिए में जोन अधिकारी को भेज दूंगा.
विशाल, राजस्व अधिकारी नगर निगम
