मुंबई | ग्लोबल आइकन प्रियंका चोपड़ा ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में बॉलीवुड छोड़ने के अपने फैसले पर बड़ा खुलासा किया है। प्रियंका ने बताया कि करियर के शिखर पर होने के बावजूद भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में उनका अनुभव काफी तनावपूर्ण रहा था। उन्होंने सीधे शब्दों में कहा कि उन्हें वहां की ‘गंदगी’ (पॉलिटिक्स) में रहना पसंद नहीं था, जिसके चलते उन्होंने हॉलीवुड की ओर रुख किया। साल 2015 में ‘क्वांटिको’ से शुरुआत करने वाली प्रियंका ने स्वीकार किया कि उस समय कुछ आपसी रिश्ते इतने बिगड़ गए थे कि उनके पास वहां से निकलने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा था।
प्रियंका ने साझा किया कि भारत में काम करते हुए उन्हें एक समय के बाद ‘सीमित’ महसूस होने लगा था। उन्हें इस बात की कमी खलती थी कि वैश्विक मंच पर भारतीय अभिनेताओं का प्रतिनिधित्व न के बराबर है। हॉलीवुड के शुरुआती दिनों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि वे खुद को 9वीं कक्षा की उस लड़की जैसा महसूस करती थीं, जिसकी तरह वहां कोई नहीं दिखता था। मिंडी कलिंग और ऐश्वर्या राय जैसी हस्तियों से प्रेरणा लेकर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने की ठानी और साबित किया कि कड़ी मेहनत से किसी भी अनजान जगह पर अपना स्थान बनाया जा सकता है।
अपने संघर्षपूर्ण सफर पर बात करते हुए प्रियंका ने कहा कि जब जिंदगी मुश्किल हो जाती है, तो खुद को संभालकर बदलाव के लिए तैयार होना जरूरी है। उन्होंने बताया कि हॉलीवुड में पैर जमाना आसान नहीं था, लेकिन उन्हें अपने काम और मेहनत पर पूरा भरोसा था। प्रियंका ने गर्व से कहा कि वे किसी भी फिल्ममेकर के सामने खड़े होकर अपना हुनर साबित करने का माद्दा रखती हैं। आज लगभग एक दशक बाद, वे न केवल एक सफल हॉलीवुड अभिनेत्री हैं, बल्कि दुनिया भर के उन कलाकारों के लिए मिसाल बन गई हैं जो बड़े सपनों को हकीकत में बदलना चाहते हैं।

