
जावरा। लोक पर्व हमे भारतीय संस्कृति का संदेश देते हैं। संजा पर्व प्रकृति से जुड़े रहने के साथ प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक करता है। बेटिया इस पर्व को उत्साह और उमंग के साथ मनाती हैं। बेटियों के साथ पूरा परिवार का जुड़ाव इस पर्व के साथ रहता है। हमे ऐसे पर्वों के प्रति जुड़े रह कर संरक्षित करना होगा। नई पीढ़ी को संस्कृति से अवगत कराना होगा। श्री माधवानंद एकेडमी के बच्चो का प्रयास प्रशंसनीय है। उक्त विचार कवि मनोहरसिंह मधुकर ने श्री माधवानंद एकेडमी में आयोजित संजा बनाओ प्रतियोगिता एव हिंदी दिवस के अवसर पर व्यक्त किये। पालक अतिथि रतनदेवी मालवीय व आरतीदेवी ने संजा बनाने वाली छात्राओं की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी।
प्राचार्य उषा श्रोत्रिय ने हिंदी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए हिंदी को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। अतिथियों ने प्रतिभागी छात्राओं को पुरस्कार प्रदान किए। अतिथियों का स्वागत माया धाकड़ ,प्राची सोलंकी ,रचना कुशवाह,शिवानी मेहता ,प्रियंका देवड़ा ने किया। संचालन अंकिता सोलंकी ने किया।
