लाहौर, 03 अप्रैल (वार्ता) लाहौर क़लंदर्स के बल्लेबाज फ़ख़र ज़मान 3 अप्रैल को मुल्तान सुल्तांस और 9 अप्रैल को इस्लामाबाद यूनाइटेड के ख़िलाफ होने वाले मैचों में नहीं खेल पाएंगे, क्योंकि पीएसएल टेक्निकल कमेटी ने मैच रेफ़री रोशन महानामा द्वारा लगाए गए दो मैचों के प्रतिबंध को बरकरार रखा है। यह सज़ा गेंद की स्थिति में बदलाव (बॉल टैंपरिंग) के कारण उन्हें दी गई थी।
फ़ख़र ने इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील की थी, जो पीएसएल के कोड ऑफ कंडक्ट के तहत उनका अधिकार है। महानामा ने 2026 सीजन में उनके पहले लेवल-3 अपराध के लिए अधिकतम सज़ा सुनाई थी। फ़ख़र ने इस आरोप को चुनौती दी थी, जिसकी सुनवाई के बाद यह फ़ैसला लिया गया।
पीएसएल के नियमों के अनुसार, पहली बार लेवल-3 अपराध के लिए खिलाड़ी को कम से कम एक मैच और अधिकतम दो मैचों का निलंबन दिया जा सकता है।
पीसीबी ने गुरुवार को एक बयान में कहा, “अपील की सुनवाई पीएसएल टेक्निकल कमेटी ने की, जिसमें प्रोफ़ेसर जावेद मलिक, डॉ. मुमरायज नक़्शबंद और सैयद अली नक़ी शामिल थे। सभी सबूतों की समीक्षा और संबंधित लोगों की बात सुनने के बाद, कमेटी ने अपील को खारिज कर दिया और रोशन महानामा द्वारा दिए गए दो मैचों के प्रतिबंध को बरक़रार रखा।”
कोड ऑफ कंडक्ट के अनुसार, पीएसएल टेक्निकल कमेटी का फैसला अंतिम और सभी पक्षों पर बाध्यकारी होता है।
फ़ख़र पर पीएसएल के आर्टिकल 41.3 के उल्लंघन का आरोप लगा था, जो मैच के दौरान अनुचित लाभ पाने के लिए गेंद की स्थिति बदलने से जुड़ा है। यह घटना क़लंदर्स की कराची किंग्स के ख़िलाफ़ चार विकेट की हार के दौरान हुई थी।
आख़िरी ओवर से पहले गेंद हारिस रउफ़, शाहीन अफ़रीदी और फ़ख़र के बीच बदली गई थी, जिसके बाद ऑन-फील्ड अंपायर फ़ैसल अफ़रीदी ने गेंद की जांच की थी।
फ़ैसल और दूसरे अंपायर शरफ़ुद्दौला ने लंबी चर्चा के बाद गेंद को बदला और उसे छेड़छाड़ किया हुआ माना। क़लंदर्स को पांच रन की पेनल्टी भी दी गई, जो मैच के नतीजे में अहम साबित हुई, क्योंकि किंग्स ने यह मैच तीन गेंद बाक़ी रहते जीत लिया।
