नई दिल्ली | दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को प्रसिद्ध रैपर यो-यो हनी सिंह और बादशाह के साल 2006 में रिलीज हुए विवादित गानों पर कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें सभी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से हटाने का निर्देश दिया है। जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि इन गानों के बोल न केवल अश्लील और भद्दे हैं, बल्कि महिलाओं की गरिमा का भी पूरी तरह अनादर करते हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि अभिव्यक्ति की आजादी की आड़ में नाबालिगों के लिए उपलब्ध सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर ऐसी सामग्री फैलाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। जज ने अपने चैंबर में गाना सुनने के बाद टिप्पणी की कि इसमें कोई कलात्मक या सामाजिक मूल्य नहीं है और यह समाज में नागरिकता के न्यूनतम मानकों का उल्लंघन है।
अदालत ने पाया कि ‘माफिया मुंडेर’ कोलेबोरेशन के तहत जारी किए गए ये ट्रैक महिलाओं को केवल यौन संतुष्टि की वस्तु के रूप में चित्रित करते हैं, जो बेहद अमानवीय और अस्वीकार्य है। ‘हिंदू शक्ति दल’ द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दोनों रैपर्स को नोटिस जारी किया है। हालांकि कलाकारों ने पहले इन गानों से पल्ला झाड़ा था, लेकिन याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि हनी सिंह ने हाल ही में एक कॉन्सर्ट में इसके कुछ हिस्से गाए थे, जिससे विवाद और गहरा गया। कोर्ट ने आदेश दिया है कि सोशल मीडिया पर इस गाने के जितने भी वर्जन या यूआरएल (URL) मौजूद हैं, उन्हें केंद्र सरकार के माध्यम से तुरंत ब्लॉक या डिलीट किया जाए।
जस्टिस कौरव ने जोर देकर कहा कि कानून के शासन से चलने वाले समाज में कला के नाम पर अश्लीलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कोर्ट ने न केवल हनी सिंह और बादशाह, बल्कि उन सभी यूजर्स और प्लेटफॉर्म्स को भी निर्देश दिया है जिन्होंने इस गाने को अपलोड कर लाखों व्यूज बटोरे हैं। डिजिटल युग में बच्चों की पहुंच को देखते हुए अदालत ने इसे एक गंभीर मुद्दा माना है और केंद्र सरकार को आवश्यक निर्देश जारी करने को कहा है। अब इस हाई-प्रोफाइल मामले की अगली सुनवाई 7 मई, 2026 को तय की गई है, जिसमें रैपर्स को अपना पक्ष मजबूती से रखने का मौका मिलेगा, अन्यथा उन पर भारी जुर्माना या अन्य कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

