इंदौर: शहर के बाहरी रिंग रोड के पश्चिमी हिस्से का काम शुरू हो गया है। उक्त सड़क का पहला चरण 34 किलोमीटर लंबा बनाया जा रहा है। नए पश्चिमी रिंग रोड का निर्माण एनएचएआई कर रहा है। हातोद से शिप्रा तक 64 किलोमीटर लंबे रिंग रोड के दूसरा चरण का 30 किलोमीटर वाला हिस्सा एनएचएआई के उज्जैन डिविजन द्वारा बनाया जाएगा।इंदौर का 160 किलोमीटर लंबे बाहरी रिंग रोड को हिस्सों में बनाया जाएगा, पहला पश्चिमी और दूसरा पूर्वी हिस्सा क्षिप्रा से महू तक बनेगा।
पश्चिमी हिस्से पहले चरण का काम हातोद से शुरू हो गया है। उक्त बाहरी रिंग रोड के पश्चिम क्षेत्र के 64 किलोमीटर के पहले चरण में 34 किलोमीटर लंबी सड़क का काम शुरू हो गया है। उक्त सड़क के निर्माण में 26 गांव की 417 हैक्टेयर जमीन ली गई है। इसमें एक हजार एक सौ ग्यारह किसानों को 766 करोड़ का मुआवजा दिया जाएगा, जिसमें से 580 करोड़ रुपए किसानों के खाते में शासन ने डाल दिए है।
इंदौर के बाहरी रिंग रोड के 160 किलोमीटर से ज्यादा लंबे 6 लेन हाईवे का निर्माण एनएचएआई करेगा। इसके 64 किलोमीटर के हिस्से का पहला चरण हातोद से सांवेर तक बनेगा । इसके 34 किलोमीटर लंबे हिस्से के निर्माण में हातोद के 12,देपालपुर के 5 और सांवेर के 9 गांव की जमीन ली गई है।हातोद से सांवेर तक 34 किलोमीटर हिस्से का काम एमकेसी को एनएचएआई ने 996 करोड़ में दिया है और 15 साल तक सड़क का मेंटेनेंस भी निर्माण कारण वाली कंपनी द्वारा ही किया जाएगा। इतना ही नहीं सड़क के पास स्थित गांवों में 24 किलोमीटर सर्विस रोड का भी निर्माण होगा।
सांवेर से क्षिप्रा के आगे पूर्वी रिंग रोड के हिस्से को जोड़ने वाली 30 किलोमीटर का हिस्सा एनएचएआई का उज्जैन डिविजन द्वारा बनाया जाएगा।एनएचएआई की प्रोजेक्ट प्रभारी वर्षा अवस्थी ने बताया कि सड़क निर्माण कार्य शुरू हो गया है और सिंहस्थ के पहले सड़क निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। 30 किलोमीटर दूसरे चरण का हिस्सा उज्जैन डिविजन द्वारा बनाया जाएगा।
