रक्षा समझौतों, सैन्य उत्पादन पर चर्चा के साथ अंकारा में नाटो शिखर सम्मेलन की शुरुआत

अंकारा, 07 जुलाई (वार्ता) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मंगलवार को नाटो शिखर सम्मेलन के लिए तुर्की की राजधानी अंकारा पहुंच गये। इस सम्मेलन के रक्षा व्यय, सैन्य उत्पादन और गठबंधन की औद्योगिक क्षमता को बढ़ाने की कोशिशों पर केंद्रित होने की संभावना है। इसके साथ ही मेजबान तुर्की संयुक्त रक्षा पहल में बड़ी भूमिका हासिल करने की तलाश में होगा।

तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयब अर्दोगान ने श्री ट्रंप का एतिमसगुत हवाई अड्डे पर स्वागत किया और बाद में सलामी गारद सम्मान दिया गया। श्री ट्रंप लंबे वक्त से श्री अर्दोगान को एक दोस्त कहते आये हैं और उनकी दोस्ती सम्मेलन के समानांतर होने वाली द्विपक्षीय वार्ता में भी दिखने की उम्मीद है।दूसरी ओर, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की अंकारा पहुंचे और उन्होंने एक बार फिर वायु रक्षा प्रणालियों की मांग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नाटो समिट में उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता अतिरिक्त प्रणालियां और इंटरसेप्टर मिसाइलें हासिल करना है, क्योंकि रूस यूक्रेनी शहरों पर अपने हमले तेज़ कर रहा है।

नाटो के इस दो-दिवसीय सम्मेलन में दुनिया भर के 32 देशों के नेता रक्षा निवेश, सैन्य उत्पादन, यूक्रेन को समर्थन तथा सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा के लिए शामिल हो रहे हैं। व्हाइट हाउस ने कहा है कि श्री ट्रंप के स्वागत के लिए तुर्की में अमेरिका के राजदूत एवं सीरिया-इराक में विशेष राष्ट्रपति दूत टॉम बराक भी मौजूद रहे। इसके अलावा नाटो में अमेरिका के प्रतिनिधि मैट विटेकर और संयुक्त चीफ ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन भी मौके पर मौजूद रहे।

इस बीच, अंकारा में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा की उपस्थिति के दौरान नाटो के महासचिव मार्क रूटे ने कहा कि गठबंधन एक बड़े परिवर्तन से गुजर रहा है क्योंकि यूरोपीय सदस्य रक्षा खर्च बढ़ा रहे हैं तथा औद्योगिक क्षमता को मजबूत कर रहे हैं, जिससे अमेरिका पर निर्भरता कम हो रही है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ नाटो-ईयू चर्चा के दौरान श्री रूटे ने कहा, “हम पहले की तरह अमेरिका पर बहुत ज़्यादा निर्भर नहीं रह सकते। हमें एक कहीं ज़्यादा मज़बूत यूरोप और एक मज़बूत नाटो की ज़रूरत है।”

श्री रूटे ने कहा कि यूरोपीय सहयोगियों ने उत्पादन बढ़ाया है और वे नाटो की रक्षा क्षमताओं के लिए ज़्यादा ज़िम्मेदारी ले रहे हैं।उन्होंने इस बदलाव को “शीत युद्ध के बाद से बेमिसाल” बताया। सम्मेलन के एजेंडे में रक्षा क्षेत्र में उत्पादन बढ़ाने, सेना की तैयारी को बेहतर बनाने, प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने और यूक्रेन युद्ध से लेकर साइबर खतरों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के प्रयास शामिल हैं।

सम्मेलन के पहले दिन नाटो ने नयी औद्योगिक सहयोग पहलों की घोषणा की, जिनमें ‘नाटो फ्रंट डोर फॉर इंडस्ट्री’ मंच, नाटो इंजन मैन्युफ़ैक्चरिंग नेटवर्क, रक्षा के लिए ज़रूरी कच्चे माल पर एक परियोजना और ‘नाटो ड्रोन एज’ पहल शामिल हैं।उम्मीद है कि सहयोगी देश अगले पांच सालों में ड्रोन एवं काउंटर-ड्रोन क्षमताओं में 40 अरब डॉलर से ज़्यादा का निवेश करेंगे।

श्री ट्रंप के साथ रक्षा व्यय और यूरोप में अमेरिका की भविष्य की सैन्य भूमिका को लेकर जारी मतभेदों के बीच यूरोपीय देश नाटो के प्रति अपनी रक्षा प्रतिबद्धताओं को और मजबूत करने का भी प्रयास कर रहे हैं। नाटो में अमेरिका के राजदूत व्हिटेकर ने कहा, “अंकारा शिखर सम्मेलन हमारे सहयोगियों के लिए आगे बढ़कर अपनी जिम्मेदारियां निभाने का समय है।”

उन्होंने बताया कि कम लागत वाली भूमि से प्रक्षेपित क्रूज मिसाइलों के विकास और खरीद के लिए छह सदस्य देशों ने संयुक्त पहल में भाग लिया है। इन परियोजनाओं तथा 155 मिमी गोला-बारूद कार्यक्रमों का कुल मूल्य लगभग 1.6 अरब अमेरिकी डॉलर है। तुर्की की रक्षा कंपनी रोकेट्सान द्वारा विकसित ‘अतमाका’ मिसाइल श्रृंखला देश की प्रमुख स्वदेशी हथियार प्रणालियों में शामिल है। इसका भूमि आधारित संस्करण सामरिक पहिएदार प्लेटफार्मों से रणनीतिक लक्ष्यों पर सटीक हमला करने में सक्षम है तथा इसमें अत्याधुनिक मार्गदर्शन, इलेक्ट्रॉनिक प्रतिरोध और डाटा-लिंक जैसी क्षमताएं मौजूद हैं। तुर्की ने हाल के वर्षों में मिसाइल, ड्रोन, वायु रक्षा प्रणाली, बख्तरबंद वाहन और गोला-बारूद के क्षेत्र में अपने रक्षा उद्योग का उल्लेखनीय विस्तार किया है। इससे नाटो की रक्षा उत्पादन क्षमता और औद्योगिक मजबूती को भी बल मिला है।

श्री अर्दोगान शिखर सम्मेलन के दौरान श्री ट्रंप, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी तथा कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी सहित कई नेताओं से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। बुधवार को नाटो नेताओं का औपचारिक शिखर सत्र आयोजित होगा, जिसमें नाटो की प्रतिरोधक एवं रक्षा रणनीति, यूक्रेन की स्थिति तथा गठबंधन के दक्षिणी क्षेत्र की सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा होगी।

शिखर सम्मेलन में लगभग 100 मंत्री, वरिष्ठ राजनयिक और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों के भाग लेने की उम्मीद है।

 

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