वाशिंगटन/तेहरान, 07 जुलाई (वार्ता) होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे दो वाणिज्यिक टैंकरों पर मंगलवार तड़के हमला होने के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया।
दोनों देशों ने घटना को लेकर अलग-अलग दावे किये हैं, जबकि क्षेत्र की समुद्री सुरक्षा को लेकर दोनों के बीच वार्ता अभी भी गतिरोध में बनी हुई है।
ब्रिटेन की यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (यूकेएमटीओ) ने बताया कि ओमान के लीमाह से लगभग आठ समुद्री मील पूर्व दक्षिण की ओर जा रहे एक टैंकर के बायीं ओर किसी अज्ञात प्रक्षेप्य से हमला हुआ, जिससे जहाज में आग लग गयी। घटना में कोई हताहत नहीं हुआ और न ही पर्यावरणीय क्षति की सूचना है। मामले की जांच जारी है।
इसी तरह समुद्री सुरक्षा सूत्रों ने बताया कि ओमान तट के निकट सऊदी अरब के ध्वज वाले कच्चे तेल के टैंकर वेदयान को भी नुकसान पहुंचा है।
एक्सियोस की एक रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा गया कि ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने रणनीतिक जलमार्ग से गुजर रहे दो वाणिज्यिक जहाजों पर मिसाइलें दागीं। अधिकारियों के अनुसार दोनों जहाजों को भारी नुकसान पहुंचा, हालांकि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
ईरान के सरकारी टेलीविजन ने घटना का अलग विवरण देते हुए दावा किया कि जहाजों में से एक ने ओमान तट के निकट समुद्री मार्ग में बार-बार दी गयी चेतावनियों की अनदेखी की थी। प्रसारक के अनुसार चेतावनियों का पालन नहीं करने पर टैंकर को निशाना बनाया गया।
द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार निशाना बनाये गये जहाजों में से एक अल रेकय्यात नामक तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) टैंकर था, जो कतर के एलएनजी क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। समुद्री रेडियो संचार के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया कि जहाज के इंजन कक्ष के निकट आग लग गयी, हालांकि चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित हैं।
यह हमला ईरान और अमेरिका के बीच तीन सप्ताह पहले हुए उस समझौता ज्ञापन (एमओयू) के बाद हुआ है, जिसके तहत व्यापक समझौते पर बातचीत के दौरान ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले रोकने पर सहमति जतायी थी। इस बीच जलमार्ग में हमलों की रोकथाम के लिए किया गया एक सप्ताह का अलग अंतरिम प्रबंध भी समाप्त हो चुका है। पिछले सप्ताह दोहा में हुई अप्रत्यक्ष वार्ता समुद्री सुरक्षा के मुद्दे पर किसी ठोस परिणाम के बिना समाप्त हुई थी।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने मंगलवार को कहा कि जब तक ईरान के खिलाफ धमकियां जारी रहेंगी, तब तक अंतिम समझौते पर वार्ता आगे नहीं बढ़ सकती। उन्होंने अमेरिका से समझौता ज्ञापन के तहत किये गये अपने वादों का सम्मान करने का आग्रह किया।
इस बीच ईरान के वरिष्ठ सांसद अलाउद्दीन बोरुजेर्दी ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन को औपचारिक रूप देने के लिए जल्द ही संसद में विधेयक पेश किया जायेगा। उन्होंने कहा कि ईरान की मंजूरी के बिना जलडमरूमध्य से जुड़ी कोई भी भविष्य की व्यवस्था सफल नहीं हो सकेगी।
