नयी दिल्ली, 07 जुलाई (वार्ता) सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) और थाइसनक्रुप न्यूसेरा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने एल्कलाइन इलेक्ट्रोलाइज़र प्रणाली के लिए एक रणनीतिक समझौता किया है जिसका ग्रीन हाइड्रोजन बनाने में होता है। कंपनी की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस समझौते के तहत ग्रीन हाइड्रोजन परियोजनाओं के लिए एल्कलाइन इलेक्ट्रोलाइज़र प्रणाली का चरणबद्ध स्वदेशीकरण और स्थानीय विनिर्माण संभव हो सकेगा। यह सहयोग देश में ग्रीन हाइड्रोजन परियोजनाओं के लिए भेल की परियोजना क्रियान्वयन क्षमताओं को और सुदृढ़ करेगा।
भेल की ओर से कार्यपालक निदेशक (हेवी पावर इक्विपमेंट प्लांट) वाई. श्रीनिवास राव और महाप्रबंधक एवं प्रमुख (न्यू एंड रिन्यूएबल एनर्जी बिज़नेस) सुतृप्तो डे ने तथा थाइसनक्रुप न्यूसेरा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की ओर से मुख्य कार्यकारी अधिकारी किरण जोसेफ और निदेशक (बीडी एंड सेल्स) मनीष भोसले ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किये। इस अवसर पर भारत एवं भूटान में जर्मनी के राजदूत फिलिप एकरमन, बीएचईएल की निदेशक (औद्योगिक प्रणाली और उत्पाद) बानी वर्मा, निदेशक (इंजीनियरिंग, अनुसंधान एवं विकास) एस.एम. रामनाथन तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
भेल देश की अग्रणी इंजीनियरिंग एवं विनिर्माण कंपनियों में से एक है, जिसे पावर, ट्रांसमिशन, नवीकरणीय ऊर्जा, तेल एवं गैस, परिवहन, रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्रों में दशकों का अनुभव प्राप्त है। कंपनी ने देश के औद्योगिक अवसंरचना के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और अब अपनी इंजीनियरिंग, विनिर्माण एवं परियोजना निष्पादन क्षमताओं का उपयोग ग्रीन हाइड्रोजन सहित अन्य उभरते स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्रों में कर रही है। कंपनी के अनुसार, यह समझौता ‘राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन’ और भारत सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ पहल में भेल के योगदान को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

