राजगढ़: कूनो नेशनल पार्क से चलकर कालीपीठ के रास्ते जिले में पहुंचे चीता केपी-3 राजगढ़ नगर के आसपास अपनी मूवमेंट बनाए हुए है. चीता करीब 3 दिन पहले जिले की सीमा में राजस्थान से होकर कालीपीठ से पहुंचा था. इसके पूर्व शनिवार को उसने शहर के बाड़िया और रावतपुरा गांव के रास्ते पर अपनी मूवमेंट बनाई बी.
पिछले तीन दिनों से चीता करीब इसी 5-6 किमी के क्षेत्र में अपनी चहलकदमी कर रहा है. शनिवार रात वह राजगढ़ शहर बाड़िया से निकलकर रावतपुरा गांव की ओर बड़ा और यहां से राजस्थान सीमा की ओर उसने चलना प्रारंभ किया था. ट्रैकर डिवाईस रूट के अनुसार वह पुनः खोयरी की ओर बढ़ा और रविवार सुबह होते होते यह खोपरी के जंगलों में पहुंच गया.
खोयरी में आराम, शाम को जालपा क्षेत्र पहुंचा
दिन भर चीता केपी-3 खोयरी के वन्य क्षेत्र में आराम करता रहा. क्योंकि वह दिन में मूवमेंट नहीं कर रहा है. इसलिए रविवार को दिन भर आराम करने के बाद शाम को उसने अपनी मूवमेंट शुरू की और शाम को समाचार लिखे जाने तक वह जालपा पहाड़ी के पीछे जंगलों में नजर आया देर शाम तक उसकी मूवमेंट उसी दिशा में रही है. चीते ने अपना मूवमेंट एरिया पिछले तीन दिनों से एक पार्टिकुलर पांच से 6 किलोमीटर के क्षेत्र को बना रखा है. हालांकि एक समय ऐसा भी आया जब जीपीएस ट्रैकर डिवाइस पर उसकी मूवमेंट आना बंद हो गई थी. तब स्थानीय वन विभाग और कूनो नेशनल पार्क की टीम ने उसे मैन्युअल ट्रैक करने का प्रयास किया, लेकिन कुछ ही समय के बाद ट्रैक्टर पर उसकी मूचमेंट फिर से नजर आई.
