मुंबई, टाटा समूह की प्रमुख रिटेल कंपनी ट्रेंट के शेयरों में मंगलवार को शुरुआती कारोबार के दौरान 10 फीसदी से अधिक की भारी गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट का मुख्य कारण जून तिमाही के बिजनेस अपडेट का बाजार की उम्मीदों के अनुरूप न होना है। कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 5,666 करोड़ रुपये रहा, जो विश्लेषकों के अनुमान से कम था। साथ ही, वेस्टसाइड और जूडियो स्टोरों के विस्तार की धीमी रफ्तार ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है, जिसके चलते स्टॉक में बिकवाली का दबाव साफ देखा जा रहा है।
ब्रोकरेज की राय और बाजार का नजरिया
बाजार विशेषज्ञों और ब्रोकरेज फर्मों की राय इस स्टॉक को लेकर फिलहाल बंटी हुई है। जहां कई विश्लेषक स्टोर खोलने की धीमी गति को अल्पकालिक मान रहे हैं और कंपनी की लॉन्ग-टर्म ग्रोथ क्षमता पर भरोसा जता रहे हैं, वहीं कुछ विश्लेषक सतर्क रुख अपना रहे हैं। उनका मानना है कि वैल्यू-फैशन सेगमेंट में बढ़ता प्रतिस्पर्धा और स्टोर प्रोडक्टिविटी में संभावित कमी मुख्य जोखिम हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि स्टॉक में हालिया उछाल के बाद अब निराशा की गुंजाइश कम बची थी, जिस कारण यह प्रतिक्रिया देखने को मिली है।
लंबी अवधि के लिए मजबूत संभावना
कमजोर तिमाही अपडेट के बावजूद, ट्रेंट को भारत के संगठित अपैरल रिटेल सेक्टर में एक मजबूत लॉन्ग-टर्म खिलाड़ी माना जा रहा है। कंपनी अपनी आक्रामक विस्तार रणनीति और ‘जूडियो’ जैसी वैल्यू-फैशन चेन की लोकप्रियता के दम पर बाजार में अपनी स्थिति बनाए हुए है। मार्च तिमाही में कंपनी ने 26 प्रतिशत का शानदार नेट प्रॉफिट दर्ज किया था, जो उसकी मजबूत बुनियादी स्थिति को दर्शाता है। निवेशक अब कंपनी के भविष्य के प्रदर्शन और स्टोर विस्तार की गति पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं।

