लंदन, लंदन में चल रहे विंबलडन टेनिस टूर्नामेंट में वाइल्ड कार्ड धारी आर्थर फेरी ने एक शानदार उलटफेर करते हुए पहली बार ग्रैंड स्लैम के क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है। फेरी ने पूर्व विश्व नंबर-3 ग्रिगोर दिमित्रोव के खिलाफ एक बेहद रोमांचक और संघर्षपूर्ण मुकाबले में 7-5, 3-6, 4-6, 6-4, 7-6 (10-7) से जीत दर्ज की। यह जीत न केवल फेरी के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि है, बल्कि विंबलडन के इतिहास में भी एक यादगार अध्याय बन गई है, जहां एक युवा खिलाड़ी ने अपनी हिम्मत और कौशल से दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया।
दिमित्रोव का संघर्ष और फेरी का संयम
मैच के दौरान एक समय दिमित्रोव जीत की ओर बढ़ते दिख रहे थे, लेकिन चौथे सेट में फेरी ने अद्भुत वापसी की। दिमित्रोव द्वारा लगातार 11 अंक गंवाने का पूरा फायदा उठाते हुए 23 वर्षीय फेरी ने मैच को बराबरी पर ला खड़ा किया। निर्णायक सेट के दबाव वाले टाई-ब्रेकर में फेरी ने गजब की परिपक्वता दिखाई और मैच प्वाइंट भुनाकर जीत अपने नाम की। सेंटर कोर्ट पर अपना पहला मुकाबला खेल रहे फेरी के इस प्रदर्शन ने दर्शकों और टेनिस जगत को मंत्रमुग्ध कर दिया।
नए कीर्तिमान और अगला मुकाबला
इस जीत के साथ ही फेरी ओपन युग में विंबलडन के क्वार्टर फाइनल में पहुँचने वाले महज पांचवें वाइल्ड कार्ड खिलाड़ी बन गए हैं। इसके अतिरिक्त, वे टॉप-100 रैंकिंग से बाहर रहते हुए इस मुकाम तक पहुँचने वाले 2014 के बाद पहले खिलाड़ी हैं। टूर्नामेंट में अब वे एकमात्र बचे ब्रिटिश खिलाड़ी हैं, जिस कारण उन पर उम्मीदों का भार भी बढ़ गया है। क्वार्टर फाइनल में उनका मुकाबला फ्रेंच ओपन के उपविजेता फ्लावियो कोबोली से होगा, जहाँ फेरी एक बार फिर अपने शानदार प्रदर्शन को दोहराना चाहेंगे।

