सुअर के लिए बिछाए जाल में फंसकर बाघ की मौत 

सतना : जिन वन चौकीदारों पर जंगल से लेकर वन्य जीवों की सुरक्षा की जिम्मेदारी होती है, यदि उन्हीं पर बाघ की हत्या जैसे गंभीर आरोप लगने लगें तो फिर व्यवस्था भला किसके भरोसे चलेगी. जंगली सुअर के लिए फैलाए गए करेंट के तार की चपेट में आकर जब बाघ की मौत हो गई तो घटना को छिपाने के लिए गड्ढा खोदकर दफन कर दिया गया. लेकिन 2 महीने बाद जब मामले की भनक अधिकारियों को लगी तो व्यापक स्तर पर जांच कार्रवाई शुरु कर दी गई.प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के मझगवां रेंज अंतर्गत प्रस्तावित कंजरवेशन रिजर्व पूर्व में प्रस्तावित सरभंगा अभ्यारण्य में एक बाघ की मौत हो जाने पर उसे जमीन में दफना दिए जाने की जानकारी वन विभाग के अधिकारियों को कुछ दिन पहले मुखबिरों के जरिए प्राप्त हुई थी.

इस तरह के गंभीर मामले की जिम्मेदारी मिलने पर वन मण्डलाधिकारी द्वारा पूरे घटनाक्रम से जुड़ी जानकारी जुटाने का काफी प्रयास किया गया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिल पाई. जबकि इस मामले में शक की सूई शुरु से ही वन चौकीदारों के इर्दगिर्द घूम रही थी. जिसे देखते हुए 3 वन कर्मियों को उठाकर उनसे कड़ाई से पूछताछ शुरु की गई. गुरुवार की रात मुखबिर की सूचना के साथ-साथ वन कर्मियों से की गई पूछताछ में हुए खुलासे को देखते हुए शुक्रवार की सुबह से ही वन अमला हरकत में आ गया.

शुक्रवार की सुबह डीएफओ के निर्देश पर डाग स्क्वाड, उडऩदस्ता दल और वन परिक्षेत्र मझगवां के अधिकारियों के साथ वन अमले ने सघन जांच अभियान छेड़ दिया. लेकिन ओ रही बारिश के साथ घने लैंटाना जंगल में की गई प्रारंभिक जांच में कोई सुराग नहीं मिला. लेकिन जारी जलाशी अभियान के दौरान ही वन अधिकारियों को नया इनपुट मिला. जिसके बाद मौके पर जेसीबी बुलाकर खुदाई शुरु कराई गई. कुछ देर तक ख्ुादाई करने के बाद बाघ से अवशेष प्राप्त हुए. जिसे देखते हुए दो वन चौकीदरों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरु कर दी गई.
 सुअर के लिए लगाया था करेंट

अधिकारियों द्वारा की गई पूछताछ में यह जानकारी सामने आई कि चौकीदार के परिवार के सदस्य द्वारा लगभग 2 महीने पहले जंगली सुअर का शिकार करने के उद्देश्य से तार में करेंट लगाया था. लेकिन वहां से गुजर रहा एक बाघ उसकी चपेट में आ गया. जिससे उसकी मौत हो गई. घटना से घबराए चौकीदरों ने जंगल में गड्ढा खोदकर बाघ को दफना दिया.

वन अधिकारियों का कहना है कि इस मामले की विस्तृत जांच जारी है. अवशेषों की बरामदगी, घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्य और आरोपियों के बयानों के आधार पर दोषी पाए गए लोगों के विरुद्ध वन्य प्राणी अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी. इसी कड़ी में यह जानने का प्रयास भी किया जा रहा है कि घटना में और कौन-कौन लोग शामिल हैं. जांच जारी होने का हवाला देते हुए फिलहाल आरोपियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए .
इनका कहना है.
अवशेष बरामद होने के बाद उनका परीक्षण कराया जाएगा और वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत सभी आरोपियों के विरुद्ध आगे की कार्रवाई की जाएगी.
मयंक चांदीवाल वन मण्डाधिकारी सतना

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