भोपाल। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने पुलिस कमिश्नर के साथ शहर में सडक़ सुरक्षा को लेकर भ्रमण किया. जिसकी शुरूआत पॉलिटेक्निक चौराहा होते हुए स्मार्ट पार्क, डिपो चौराहा और स्मार्ट रोड तक यातायात और सडक़ निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान कलेक्टर प्रियंक मिश्रा और पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने गोविंदपुरा स्थित स्मार्ट सिटी कार्यालय में इंटिग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के काम करने का तरीका बारीकी से समझा. उसके बाद उन्होंने सडक़ सुरक्षा समिति के साथ बैठक की. जिसकी अध्यक्षता करते हुए कलेक्टर ने आईटीएमएस को एआई आधारित तकनीकों से लैस करने के निर्देश दिए, जिससे शहर की बैठक यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके. बैठक के दौरान शहर में सडक़ हादसों को रोकने के लिए चिन्हित 16 ब्लैक स्पॉट की समीक्षा की गई. अधिकारियों ने बताया कि 1250 चौराहा, हबीबगंज, 1100 क्वार्टर और व्यापम चौराहा क्षेत्र में सुधार कार्य हो रहा है. कलेक्टर ने गोविंदपुरा और आईएसबीटी क्षेत्रों में ब्लैक स्पॉट को सुधारने के निर्देश दिए. इसके अलावा दो पहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने पर चुनिंदा मौकों पर रेस्टोरेंट्स के कूपन दिए जाएंगे. सरकारी विभागों के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए हेलमेट का उपयोग अनिवार्य कर दिया गया है.
मुख्य मार्गों से अतिक्रमण हटाने पर जोर
कलेक्टर ने यातायात में बाधा बन रहे मुख्य मार्गों और फुटपाथों से अतिक्रमण हटाने के लिए निर्देश दिए. इसके लिए संबंधित क्षेत्र के एसडीएम के नेतृत्व में पुलिस और नगर निगम की टीम कार्रवाई करेगी. इसके अलावा जो लोग ट्रैफिक नियम को तोडक़र, बिना हेलमेट स्कूटर या बाइक चलाने पर, मोबाइल पर बात करने वाले और रॉन्ग साइड ड्राइविंग करने वालों के खिलाफ आईटीएमएस के जरिए ही सख्त कार्रवाई की जाएगी. सडक़ दुर्घटना पीडि़तों की मदद के लिए संचालित प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाने वाले 174 प्रकरणों में से 110 पात्र हितग्राहियों को राहत राशि दी जा चुकी है. कलेक्टर ने शेष मामलों के निपटारे के लिए स्वास्थ्य विभाग, पुलिस और एनआईसी को साथ मिलकर काम करने को कहा है.
