
जबलपुर। शिक्षा का रिश्ता विश्वास पर टिका होता है, लेकिन जब वही विश्वास अपराध में बदल जाए तो कानून भी कठोर संदेश देता है। ट्यूशन पढऩे आने वाले छात्र द्वारा महिला शिक्षिका से दुष्कर्म किए जाने के छह वर्ष पुराने मामले में जबलपुर जिला सत्र न्यायालय ने आरोपित को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर कुल छह हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है तथा पीडि़ता को मध्य प्रदेश पीडि़त प्रतिकर योजना के तहत उचित मुआवजा दिलाने के निर्देश दिए हैं।
अष्टम अपर सत्र न्यायाधीश निशा विश्वकर्मा की अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी जबलपुर निवासी मोहम्मद हामिद अंसारी को दोषी ठहराते हुए यह फैसला सुनाया। अभियोजन के अनुसार गोहलपुर क्षेत्र की एक विधवा महिला बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने के साथ सिलाई कर अपने तीन बच्चों का पालन-पोषण करती थी। इसी दौरान मोहम्मद हामिद अंसारी उसके यहां ट्यूशन पढऩे आता था। परिचय और विश्वास का लाभ उठाकर उसने महिला के साथ जबरन दुष्कर्म किया। घटना के बाद पीडि़ता ने 30 मार्च 2020 को महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया और विवेचना पूरी कर न्यायालय में चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों को पर्याप्त मानते हुए अदालत ने आरोपी को दोषसिद्ध कर 10 वर्ष के कठोर कारावास, छह हजार रुपये के अर्थदंड तथा पीडि़ता को प्रतिकर दिलाने के आदेश दिए।
