यूएन एवं उसके सहयोगी पूर्वी डीआरसी में इबोला से निपटने में निरंतर कर रहे हैं मदद

संयुक्त राष्ट्र, 03 जुलाई (वार्ता) संयुक्त राष्ट्र मानवीय कार्यकर्ताओं ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र एवं उसके सहयोगी पूर्वी डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) में इबोला के प्रकोप से निपटने में निरंतर अपना समर्थन दे रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (ओसीएचए) ने गुरुवार को बताया कि इतुरी प्रांत के किगोंज़ विस्थापन स्थल पर इबोला के दो मामलों की पुष्टि हुई है। बूनिया शहर में संघर्ष के कारण विस्थापित हुए लगभग 15,000 लोग यहां आश्रय ले रहे हैं।

वर्तमान में विस्थापन स्थल पर एक इबोला उपचार केंद्र स्थापित किया जा रहा है और विस्थापित लोगों को मुफ्त स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करने वाला एक नया कार्यक्रम गुरुवार को शुरू किया गया। कार्यालय ने कहा कि सहयोगी सामुदायिक पहुंच एवं बीमारी की रोकथाम के प्रयासों को भी बढ़ावा दे रहे हैं जिसमें हैंडवाशिंग स्थलों की स्थापना भी शामिल है। ओसीएचए ने कहा, “हालांकि समुदाय में भरोसे की कमी के कारण सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े प्रयासों में रुकावटें उत्पन्नन हो रही हैं। 30 जून को स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि इतुरी प्रांत के एक गांव में प्रदर्शनकारियों ने एक स्वास्थ्य केंद्र में आग लगा दी जिससे एक नागरिक की मौत हो गई।”

खबरों के अनुसार, 30 जून तक अधिकारियों ने इतुरी, उत्तरी किवु और दक्षिणी किवु प्रांतों में इबोला के 1,406 पुष्ट मामलों की जानकारी दी है। इतुरी से जुड़े तीन मामले पड़ोसी प्रांतों हाउत-उएले और त्शोपो में भी पाए गए हैं, जिससे इस बीमारी के और फैलने की चिंता बढ़ गई है। ओसीएचए ने बताया कि यूएन के वरिष्ठ इबोला समन्वयक जूलियन हार्नीस बुधवार को डीआरसी की राजधानी किंशासा पहुंचे ताकि वे आधिकारिक रूप से अपना काम संभाल सकें और राष्ट्रीय अधिकारियों, विश्व स्वास्थ्य संगठन और सहयोगियों के साथ मिलकर काम कर सकें। वह प्रतिक्रिया बढ़ाने, तालमेल को बेहतर बनाने एवं कामकाज से जुड़ी चुनौतियों से निपटने में मदद करेंगे। साथ ही, वह सुनिश्चित करेंगे कि जिन्हें मदद की आवश्यकता है उन तक यह मदद जल्द से जल्द पहुंच सके।

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