कोलकाता, 10 मार्च (वार्ता) भारत निर्वाचन आयोग(ईसीआई) ने मंगलवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में इसी वर्ष होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए उसका प्राथमिक उद्देश्य हिंसा मुक्त मतदान सुनिश्चित करना है।
यहां प्रशासनिक और राजनीतिक लोगों के साथ बैठकों के बाद संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने आश्वासन दिया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से बाहर नहीं रहेगा।उन्होंने कहा, “आयोग राज्य में स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध है। अगर किसी पात्र व्यक्ति का नाम सूची में नहीं है, तो वह फॉर्म नंबर 6 भरकर दस्तावेज जमा कर सकता है, जिसके बाद उसका नाम शामिल कर लिया जाएगा।”
गौरतलब है कि श्री कुमार के नेतृत्व में चुनाव आयोग की पूर्ण पीठ रविवार से पश्चिम बंगाल के तीन दिवसीय दौरे पर है। यहां उन्होंने सभी 23 जिलों के जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों और 24 केंद्रीय व राज्य एजेंसियों के साथ चुनावी तैयारियों की समीक्षा की।
राज्य की कानून-व्यवस्था पर संतोष व्यक्त करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ने चेतावनी दी कि चुनावी प्रक्रिया में बाधा डालने के किसी भी प्रयास या उकसावे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि चुनाव से जुड़े सभी अधिकारियों को केवल आयोग के निर्देशों का पालन करना होगा। अगर कोई अधिकारी किसी राजनीतिक दल या नेता के प्रभाव में काम करता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ऐतिहासिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों जैसे दक्षिण 24 परगना, मुर्शिदाबाद और मालदा का जिक्र करते हुए आयोग ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनावों की तरह ही 2026 के विधानसभा चुनावों को भी पूरी तरह शांतिपूर्ण बनाने का लक्ष्य है। इसके अलावा आयोग ने सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी रखने और ‘फेक न्यूज’ या अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने के निर्देश दिए हैं।
