मुंबई, 03 जुलाई (वार्ता) फिल्म बेबी डू डाई डू में अभिनेता रचित सिंह के लिए यह प्रोजेक्ट केवल अभिनय तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह दोस्ती, सीख और यादगार अनुभवों का सफर बन गया।रचित सिंह ने बताया कि फिल्म की शूटिंग के दौरान पूरी टीम के बीच ऐसा माहौल था, मानो सभी पुराने दोस्त हों। उन्होंने कहा कि सह-कलाकारों के साथ हंसी-मजाक, बातचीत और एक-दूसरे का सहयोग इस सफर को बेहद खास बना गया। रचित ने कहा, “मैंने सेट पर सबके साथ बहुत मस्ती की, चाहे हुमा हों, साकिब, चंकी सर, मरुधर या सिकंदर। सभी बेहद मजेदार इंसान हैं। चंकी सर हमेशा नए-नए जोक्स और किस्से सुनाते थे। उन्हें अच्छा खाना बहुत पसंद है और मुझे लगता है कि वह हुमा के शेफ से भी दोस्ती कर बैठे थे।”
उन्होंने बताया कि मरुधर से उनकी पहले से दोस्ती थी, इसलिए दोनों के बीच रोज़ हंसी-मजाक चलता रहता था। वहीं सिकंदर खेर के बारे में उन्होंने कहा कि उनका ड्राय ह्यूमर काफी अलग है और कई बार उनका मजाक थोड़ी देर बाद समझ में आता था। रचित ने कहा, “कोई एक खास घटना नहीं है, क्योंकि पूरा माहौल ही ऐसा था जैसे दोस्तों के साथ काम कर रहे हों। हर दिन हंसी-मजाक, एक-दूसरे का सहयोग और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती थी।” उन्होंने वरिष्ठ अभिनेत्री सीमा पाहवा के साथ काम करने के अनुभव को भी बेहद खास बताया। रचित ने कहा, “सीमा मैम के साथ सीन करना अपने आप में सीखने का अवसर था। उनके अभिनय को करीब से देखना किसी नए कलाकार के लिए बड़ी सीख है।”
रचित के अनुसार, बेबी डू डाई डू की सबसे बड़ी खूबी यही रही कि पूरी टीम ने परिवार और दोस्तों जैसा माहौल बनाया, जिसका असर फिल्म की स्क्रीन केमिस्ट्री में भी दिखाई देगा।

